अशैक्षणिक कर्मचारियों को नहीं मिल रही है मेडिकल व इंश्योरेंस सुविधा, 150 कार्मिकों की जिंदगी खतरे में

प्रशासन

कर्मचारी नेता संतोष पुरोहित के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन

बीकानेर // राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के सैकड़ों अशैक्षणिक कार्मिकों को ठेका कंपनी की ओर से न तो मेडिकल पॉलिसी और न ही ग्रुप इश्योरेंस की सुविधा दी जा रही है। नतीजतन, 150 कर्मचारी खतरे की जिन्दगी में कामकाज कर रहे है। जानकारी के अनुसार वर्ष 1999 से विभिन्न संवर्गों यथा मंत्रालयिक, तकनीकी,एवं चतुर्थ श्रेणी अशैक्षणिक कार्यों में कार्मिक लगे है। इन कार्मिकों को श्रम विभाग के नियमानुसार ईपीएफ एवं ईएसआई का भुगतान किया जा रहा था। लेकिन पिछले दो वर्षों से ईएसआई की कटौती भी बंद कर दी गई। जिसका कारण 18000 रूपये से अधिक मासिक वेतन होना बताया गया। ऐसा होने से कार्मिकों व उनके आश्रितों के बीमारी में किसी प्रकार का मेडिकल लाभ नहीं मिल रहा है।

अकाल निधन वाले कार्मिकों के परिजनों को नहीं मिला लाभ

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले दो सालों में ईसीबी कॉलेज के करीब चार कार्मिकों का असामयिक निधन हो गया। जिनकी ईएसआई कटौती नहीं थी। इस वजह से इनके आश्रितों को किसी प्रकार का कोई परिलाभ नहीं मिला। जिससे आज उनके परिवार की स्थिति दयनीय बनी हुई है। सूचना यह भी है कि कुछ मृतक के आश्रितों को तो पुन:महाविद्यालय में अनुकंपा नौकरी तक नहीं दी और उन्हें ईपीएफ कटौती के आधार पर जो मानदेय दिया जा रहा है वो भी अपर्याप्त है। जिससे आजीविका चला पाना मुश्किल है।

एम्बूलेंस बीमार,समय पर नहीं हो पाता उपचार

विडम्बना तो यह है कि बीकानेर तकनीकी विवि और ईसीबी कॉलेज में सैकड़ों का स्टाफ होने के साथ साथ हजारों विद्यार्थी भी अध्ययन कर रहे है। लेकिन कॉलेज में एम्बूलेंस व्यवस्था ही खुद बीमार पड़ी है। जिसके कारण गंभीर बीमार को अस्पताल तक ले जाना टेढ़ी खीर है। बताया जा रहा है कि एम्बूलेंस व्यवस्था नहीं होने से कुछ माह पूर्व एक कर्मचारी की अकाल मृत्यु हो गई। उसकी तबीयत बिगडऩे पर उन्हें एम्बूलेंस की बजाय मोटरसाइकिल पर अस्पताल ले जाया गया। देरी और सुविधा के अभाव में उसकी मौत हो गई थी

अशैक्षणिक कर्मचारी संघर्ष समिति ने सौंपा ज्ञापन

उधर महाविद्यालय में लंबे समय से अशैक्षणिक कार्मिकों की मेडिकल पॉलिसी व ग्रुप इश्योरेंस सुविधा शुरू करने की मांग को लेकर अध्यक्ष संतोष पुरोहित के नेतृत्व में प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कार्मिक के साथ अकाल दुर्घटना होने के हालात को देखते हुए इस व्यवस्था को तत्काल करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन देने वाले शिष्टमंडल में महामंत्री दिनेश पारीक, जयकिशन पुरोहित, सुरेन्द्र जाखड़, नरेन्द्र व्यास, अनिल पुरोहित, चंद्रवीर सियाग, शिव शंकर पारीक, पवन शेखावत, सुरेन्द्र जोशी, मोहन पुरोहित, नरेन्द्र आचार्य, कैलाशपति आचार्य सहित अनेक कर्मचारी शामिल रहे।