… ईये गेवरियो रे काढ़ो लस लस टीको

समाज

झूठा पोता व्यास परिवार की निकली गैर, टका लेने की रस्म निभाई

बीकानेर // ईये गेवरियो रे काढ़ो लस लस टीको ,, के उद्घोष के साथ आज की लालाणी, कीकाणी व्यकास सहित झूठा पोता व्यास परिवारों की ओर से पारंपरिक गेर निकाली गई। यह गैर लालाणी व्यासो के चौक से शुरू होकर चौथानी ओझा चौक, बिनानी चौक, रघुनाथ मंदिर, तेलीवाड़ा होती हुई वापस की कीकाणी-लालाणी व्यासों के चौक में आकर संपन्न हुई। इस गैर की परंपरा के अनुसार तेलीवाड़ा में टका तक लेने के रस्म निभाते हैं। गैर में लोकगीतों और चंग की थाप के साथ रंगों की मस्ती देखने को मिली। दोपहर दो बजे लालाणी व्यासों के चौक से “बधावो ओ दिन नीको ईये, गेवर गेवरियों रै काढ़ो लस-लस टीको, चोखा चोखा चावल्ल लस लस टीको” जैसे पारंपरिक गीतों के साथ गेर रवाना हुई। उसके बाद अपने पारंपरिक गीत गाते लोग ललाट पर लंबा तिलक, सिर पर साफा, रंग-बिरंगी पगड़ी, हाथों में छड़ी और चंग की थाप पर झूमते हुए लोग इस सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत कर रहे थे।

अब सर्राफा व्यवसायी देते है चांदी का टका

सामाजिक कार्यकर्ता व तीरंदाजी के कोच गणेश लाल व्यास ने बताया कि पूर्व में एक जाति समुदाय की महिला से होली से पूर्व गैर निकालकर टका लेने के परंपरा थी मगर आजकल सर्राफा व्यवसायी चांदी का सिक्का प्रदान करते है। आज भी परंपरा को बखूबी निभाया गया।

ये हुए शामिल

लालाणी व्यास जाति की ओर से पंच जयनारायण व्यास, बल्लभ सरदार, मक्खनलाल व्यास, कानूलाल व्यास, उमेश कुमार व्यास, भंवरलाल व्यास, केदार व्यास, मदन गोपाल व्यास, शिव प्रकाश व्यास, हरि हर हिन्दू, श्याम सुंदर व्यास आदि ने भाग लिया। वहीं, कीकाणी व्यासों से नारायणदास व्यास, हरिनारायण व्यास मन्नासा, बृजेश्वर लाल व्यास, गणेशलाल व्यास, गोपाल व्यास, बल्लभ व्यास भरत, शिवकुमार व्यास सहित बड़ी संख्या में समाज के युवा शामिल हुए।