



नागौर // न्यायालयों में कैडर पुनर्गठन की माँग को लेकर राज्य मंत्री श्रीमती मंजू देवी बाघमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ, मेड़ता व डीडवाना न्यायक्षेत्र की ओर से न्यायिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद भाटी ने राज्य मंत्री श्रीमती मंजू देवी बाघमार को एक लिखित ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम का दिया। ज्ञापन में भाटी ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा अनुशंसित अधीनस्थ न्यायालयों के मंत्रालयिक एवं आशुलिपिक संवर्ग के कैडर पुनर्गठन के प्रस्ताव को राज्य सरकार द्वारा शीघ्र अनुमोदित करने की माँग की गई।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यह प्रस्ताव काफी समय पूर्व माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को भेजा गया था, किन्तु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे न्यायिक कर्मचारियों में असंतोष है। इसी कारणवश प्रदेशभर के न्यायिक कर्मचारी दिनांक 18 जुलाई 2025 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने को बाध्य हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मंत्री महोदया से अनुरोध किया कि वे इस न्यायोचित माँग को मुख्यमंत्री महोदय को अनुशंसा सहित लिखित रूप में प्रेषित करें, ताकि राज्य सरकार शीघ्र निर्णय लेकर न्यायालयों की कार्यप्रणाली को बाधित होने से बचा सके।
संघ की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं विधिसम्मत रहेगा, और यह केवल न्यायिक कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति हेतु है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान विनोद भाटी (जिलाध्यक्ष),
सोमेंद्र गौड़, अभिषेक माथुर, कैलाश व्यास व रिंकू मीणा आदि मौजूद रहे।



