जिला अस्पताल में टाइप 1 डायबिटीज क्लिनिक मे T1D से ग्रसित बच्चों से मिलने पहुंचीं पद्मजा कुमारी परमार

स्वास्थ्य

नागौर // उदयपुर से श्रीमती पद्मजा कुमारी परमार शनिवार को राजकीय जिला अस्पताल नागौर के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में संचालित टाइप 1 डायबिटीज क्लिनिक पहुंची और यहां दी जा रही सेवाओं को देखा।

पद्मजा कुमारी जी ने टाइप 1 डायबिटीज से ग्रसित बच्चों व लोगों (PLT1Ds), चिकित्सकों, और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से संवाद किया और क्लिनिक की सेवाओं की सराहना की। उन्होंने टाइप 1मधुमेह से ग्रसित बच्चों से संवाद करते हुए उनके उपचार के बारे में जानकारी लेने के साथ-साथ पढ़ाई के बारे में भी पूछा. इससे पूर्व पद्मजा कुमारी का नागौर के मधुहारी क्लीनिक पहुंचने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जुगल किशोर सैनी ने पुष्पगुच्छ बैठकर स्वागत किया। इस दौरान क्लिंटन फाउंडेशन के कंट्री हेड रणवीर सिंह, पीएमओ डॉक्टर आर.के. अग्रवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मूलाराम, डीटीओ डॉ. श्रवण राव, एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान व एफसीएलओ सादिक त्यागी सहित मधुहारी क्लीनिक के चिकित्सा एवं स्टाफ मौजूद रहे।

“मिशन मधुहारी” एक नई पहल

यह T1D क्लिनिक राजस्थान सरकार की “मिशन मधुहारी” पहल के तहत माननीय स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में शुरू किए गए हैं। राजस्थान में इस इस मिशन के नोडल अधिकारी डॉक्टर सुनील सिंह, राज्य प्रभारी एनसीडी कार्यक्रम है।

क्लिनिक में टाइप 1 डायबिटीज से ग्रसित लोगों को मासिक फॉलो-अप, क्लिनिकल परामर्श, ग्लूकोमीटर, ग्लूकोज टेस्ट स्ट्रिप्स, बेसल-बोलस इंसुलिन, इंसुलिन पेन की मासिक आपूर्ति, शिक्षा और परामर्श, तथा आवश्यकतानुसार रेफरल की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। नागौर ज़िले में डीएच नागौर के अलावा, एसडीएच डेगाना और एसडीएच जायल में भी टाइप 1 डायबिटीज क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहाँ स्थानीय निवासियों को सेवाएं प्रदान की जा रही है।

यह क्लिनिक हर शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होते है। सभी T1D से ग्रसित लोगों से अनुरोध है कि वे इस क्लिनिक में नियमित रूप से आएं और निरंतर देखभाल और उपचार का लाभ उठाएं।

टाइप 1 डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है। इंसुलिन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो शरीर में शुगर (ग्लूकोज) के स्तर को नियंत्रित करता है। इस स्थिति के प्रबंधन के लिए नियमित रूप से इंसुलिन लेने की आवश्यकता होती है।