



गो सखा सम्मान समारोह बन गया एक यादगार कार्यक्रम, 32 गौ शाला संचालक और 20 भामाशाह हुए सम्मानित
बीकानेर // शहर का रिद्धि सिद्धि भवन गुरुवार को एक अनूठे कार्यक्रम का साक्षी बना। जब यहां एक ही छत के नीचे और एक ही मंच पर बीकानेर क्षेत्र के गौ भक्तों, गौशाला संचालकों व गौ सेवा में अनवरत लगे हुए साधु-संतों व उन्हें सहयोग देने वाले भामाशाहों को गो-सखा अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये कार्यक्रम यादगार बन गया। इस यादगार समारोह में बीकानेर जिले की 32 गौशालाओं का सम्मान किया गया। साथ ही गायों की सेवा करने के लिए तन मन धन से सेवा करने वाले भामाशाहों को भी गो सखा सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही, बीकानेर में हुए इस अनूठे आयोजन में वर्षों से गायों की सेवा करने वाले गौशालाओं के संचालकों व भामाशाहों को सम्मानित किया गया इसके अलावा कार्यक्रम में संतों का भी विशेष रूप से सम्मान किया।
आयोजन से जुड़े ज्योति प्रकाश रंगा और अनिल जोशी ने समारोह में राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर सरजू दास महाराज, लालेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता विमर्शनंद महाराज, छैल बिहारी महाराज और प्रभु प्रेमी जी महाराज का सानिध्य रहा। साथ ही
आयोजन के संरक्षक जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया, गो भक्त और समाजसेवी देवकिशन चांडक, समाजसेवी और समाजसेवी राजेश चुरा ,विनोद गोयल के नंदलाल जोशी चैरिटेबल फाउंडेशन के संरक्षक राजेंद्र जोशी सहयोग और मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में अन्य सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने वाली संस्थाओं को भी सम्मानित किया।

इन गौशाला संचालकों को दिया गया गोसखा सम्मान
संत सेवाराम गोशाला नापासर के श्यामसुंदर राठी, श्यामसुंदर गोशाला कोटड़ा के रतनलाल पुगलिया, गंगाशहर नागरिक सेवा परिषद के अशोक चांडक, केसरदास गोशाला समिति के प्रयागदास चांडक, श्याम गो सेवा समिति हिमटसर के सूरजनारायण बजाज, बालकिशन गोसेवा समिति गजनेर के विष्णु प्रसाद, जय महावीर गौशाला मेघासर के प्रकाशचंद वैध, सुसवाणी माता गौशाला मोरखाना के महेंद्र सुराणा, श्रीकृष्ण गोशाला समिति काकड़ा के लक्ष्मण बिश्नोई, श्री अग्रसेन गौशाला कानासर के गोपीकिशन अग्रवाल, श्री मुरली मनोहर गौशाला भीनासर के सत्यनारायण राठी, निराश्रित गोसेवा समिति नोखा के निर्मल कुमार भूरा, गोपाल गो सेवा समिति डूंगरगढ़ के जगदीश शर्मा, जीवदया गोशाला डूंगरगढ़ के ओम प्रकाश राठी, बाबा रामदेव गोशाला समिति के भंवरलाल गहलोत, श्री बांकेबिहारी गौशाला रासीसर के लूणाराम गोदारा, श्री करणी गौशाला देशनोक कैलाशदान, सोहनलाल बुलोदवी गौशाला गाढ़वाला के सीताराम, श्रीकृष्ण गोसेवा समिति गंगापुर के भंवरसिंह शेखावत, श्री श्याम गोशाला समिति नाथूसर के कानसिंह, नंदवन गौशाला समिति गडियाला के सुखदेव महाराज, श्री गौरख गौशाला शोभासर के सुनील व्यास, राधाकृष्ण गौशाला नाथूसर के भ्रंवरसिंह, श्रीकूृष्ण गौशाला पलाना के पन्नालाल, श्री श्याम गौशाला बरसिंहसर के प्रेम सहारण, श्री राधाकृष्ण गौशाला नापासर के प्रकाश पारीक, गौरक्षा समिति नापासर के राधेश्याम सारस्वत, गुरू जंभेश्वर गौशाला जांगलू के राजाराम धारणिया, ओम कृष्ण गौशाला बीकानेर के रामेश्वर मंडा, गोपाल गौशाला आसेरा के दामोदर सारस्वत, राजस्थाना गोसेवा संघ बीकानेर के जगदीश चन्द्र आदि को गो सखा अवार्ड प्रदान किया गया।
इनको मिला भामाशाह अलंकरण सम्मान

बीकानेर जिले की विभिन्न गौशालाओं में तन मन धन से सेवा करने वाले दानदाताओं को भामाशाह अलंकरण से अतिथियों ने सम्मानित किया। आयोजकों ने बताया कि अशोक राठी, नवरतन अग्रवाल द्वारा गंगा जुबली पिंजरा पोल गौशाला लक्ष्मीनाथ मंदिर क्षेत्र में पिछले दस वर्षो से नियमित रूप से हरा चारा गायों को डलवाया जा रहा है। इसलिए इन दोनों को गोसखा अवार्ड दिया गया। इसी प्रकार श्री कृष्ण गोपाल गौशाला शोभाणा तहसील नोखा द्वारा 5 बीघा जमीन गोशाला हेतु़ दान की गई। इस पर मोहनलाल ब्राह्मण व गोपालराम को भामाशाह अंलकरण प्रदान किया गया। गोभक्त देवकिशन चांडक द्वारा गंगा जुबली गोशाला जयमलसर में दस लाख में टीन शैड बनवाया। इसी प्रकार शिवगोरख गौशाला में 6 लाख रूपए में टीन शैड बनवाया गया। इस कारण इन्हें भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार रमेशकुमार पुत्र भंवरलाल गोदारा ने एक विशालकाय छपरे का निर्माण कराया इसलिए इन्हें भामाशाह अलंकरण प्रदान किया गया। कुचेरा गोशाला श्रवणलाल पुत्र भागीरथ बिश्नोई द्वारा 6 बीघा जमीन श्री खेराज भोमियाजी गोशाला में दान की गई। इसलिए इन्हें भी सम्मानित किया गया। समारोह में केसरदेसर गोशाला में प्रयागराज चांडक द्वारा 50 लाख रुपए से छपर शैड गोदाम आदि बनवाया गया इसलिए इन्हें भी भामाशाह अवार्ड दिया गया। बज्जू के हेतराम बिश्नोई ने देशनोक गोशाला में 66 बीघा करणी गौशाला में दान की वहीं श्रीमती रामकुंवारी पत्नी भंवरलाल बिश्नोई ने कृष्ण गोशाला में 5 बीघा भूमि दान की। इसलिए इन दोनों को भी भामाशाह अलंकरण प्रदान किया गया। यह पहला अवसर था जब इतनी बड़ी संख्या में भामाशाह मंच पर एक साथ उपस्थित हुए। इसके बाद आयोजन से जुड़े उद्घोषक रविंद्र हर्ष, राजेंद्र जोशी, विनोद गोयल, डीपी पच्चीसिया, श्रीभगवान अग्रवाल और अनिल जोशी ने सभी संतों का सम्मान किया।

गो सेवा से बड़ा जीवन में कोई काम नहीं, बोले संत-महात्मा
गो सखा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राषटीय संत सरजूदास महाराज ने कहा कि गो सेवा एक पुनीत कार्य है। इससे बड़ा कोई काम नहीं है। गायों की सेवा करना पुण्य का कार्य होता है यह अवसर भाग्यशाली लोगों को ही मिलता है हमें नित्य प्रति गाय की सेवा करने का संकल्प लेना चाहिए। स्वामी विमर्शानंद महाराज ने कहा कि बीकानेर की पावन धरा धर्म के प्रति हमेशा ही एक कर्तव्य के साथ काम करती रही है यही कारण है कि आज पूरे देश में यहां के सेवा कार्यों की चर्चा होती है गायों की सेवा से बड़ा जीवन में कोई कार्य नहीं होता। छैल बिहारी महाराज ने कहा कि गायों के महत्व पर जितना भी बोला जाए उतना ही कम है। गायों की सेवा करने मात्र से ही चारों धाम हो जाते हैं। हमारा जीवन धन्य है कि हम उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। प्रभु प्रेमी महाराज ने कहा कि मेरे जीवन की यह उपलब्धि है कि भागवत कथा के माध्यम से गायों की सेवा करने का मुझे अवसर मिला और कई राज्यों में गौशाला स्थापित करने में भी मैं सहयोगी रहा यह मेरा सौभाग्य है। इस मौके पर गंगा जुबली पिंजरा पोल गजनेर में पिछले 29 माह से गायों की नियमित रूप से लापसी खिलाकर सेवा करने वाले गोभक्त देवकिशन चांडक उर्फ देवश्री चांडक ने कहा कि गायों की सेवा करने वालों की कोई कमी नहीं है। आज जनसहयोग से हमारी गोशाला एक गो तीर्थ का रूप ले चुकी है। यहां प्रतिदिन जन्म दिवस, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य मांगलिक कार्य पर लोग गायों की सेवा करने रोजाना आ रहे हैं। उनकी गौशाला से हजारों परिवार जुड़ चुके हैं। यदि मन में इच्छा शक्ति हो तो गो सेवा नियमित रूप से संभव है इससे भगवान भी प्रसन्न होते हैं। अंत में नंदलाल जोशी चेरिटेबल फाउंडेशन के अनिल जोशी ने सभी का आभार ज्ञापित किया। संचालन रविन्द्र हर्ष व ज्योति रंगा ने किया।





