



प्रदेश स्तर पर चल रहा है न्यायिक कर्मचारियों का आंदोलन, नागौर जिला अध्यक्ष विनोद भाटी ने दिया समर्थन
नागौर // राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के मंत्रालयिक (सामान्य संवर्ग) एवं आशुलिपिक संवर्ग के कर्मचारियों द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा प्रस्तावित कैडर पुनर्गठन पर अब तक राज्य सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिये जाने के विरोध में नागौर जिले के समस्त न्यायिक कर्मचारी 19 जुलाई 2025 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विनोद भाटी ने बताया कि
इस संबंध में न्यायिक कर्मचारी संघ द्वारा जिला एवं सेशन न्यायाधीश, मेड़ता एवं डीडवाना-कुचामन को सूचना पत्र प्रेषित किया गया है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जब तक कैडर पुनर्गठन पर आवश्यक आदेश पारित नहीं होते, तब तक समस्त न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।

कर्मचारी नेता भाटी ने बताया कि अधीनस्थ न्यायालयों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदस्थापित सामान्य संवर्ग और आशुलिपिक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 25-05-2022 व 04-10-2022 के परिप्रेक्ष्य में किया जाना है। उक्त अधिसूचना के परिप्रेक्ष्य में कार्मिकों के विभागाध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा प्रस्ताव बनाकर तथा प्रस्ताव को राजस्थान उच्च न्यायालय की Full Bench से पास करवाकर व संबंधित जिला न्यायालय लिपिकवर्गीय संस्थापन नियम, 1986 में भी संशोधित करवाकर दिनांक 06-05-2023 को राज्य सरकार को आदेश पारित करने हेतु भेजा जा चुका है। दिनांक 06-05-2023 से आज तक 02 वर्ष पूर्ण होने पर भी राज्य सरकार द्वारा कोई आदेश पारित नहीं किये गये है और राज्य सरकार माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय की पूर्णपीठ से पारित आदेश / प्रस्ताव की पालना सुनिश्चित नहीं कर रही है, जो कि संवैधानिक संस्था के आदेशों की अवज्ञा/अवहेलना है।
प्रदेश अध्यक्ष जोशी के नेतृत्व में चल रही है भूख हड़ताल
न्यायिक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विनोद भाटी ने बताया कि संवैधानिक संस्था राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना राज्य सरकार द्वारा किये जाने पर राज्य सरकार के विरुद्ध आज दिनांक 18-07-2025 को पांचवे दिवस भी लगातार संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र नारायण जोशी एवं पूर्व जयपुर जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार शर्मा अनिश्चितकालीन भूख हडताल पर है, जिनका स्वास्थ्य गिरता हुआ जा रहा है।
बार संघ ने भी दिया समर्थन
इस न्यायोचित आंदोलन को न्यायिक व्यवस्था के एक अन्य महत्वपूर्ण स्तम्भ बार एसोसिएशन, नागौर का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है।
बार संघ अध्यक्ष बीरदीचंद सांखला ने जिलाध्यक्ष न्यायिक कर्मचारी संघ नागौर को लिखे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि यह माँग पूरी तरह से न्यायसंगत है, एवं बार संघ इस संघर्ष में पूर्ण नैतिक सहयोग एवं समर्थन प्रदान करता है। बार संघ ने यह भी आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार शीघ्र आवश्यक निर्णय लेकर इस समस्या का समाधान करेगी ताकि न्यायिक व्यवस्था पुनः सुचारु रूप से संचालित हो सके।
भाटी ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं संगठित स्वरूप में किया जा रहा है। न्यायिक कर्मचारी संघ एवं बार एसोसिएशन दोनों की संयुक्त अपील है कि सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द सकारात्मक कार्यवाही करे।



