



नोखा // दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और अर्केश्वर महादेव ग्रुप नोखा के संयुक्त तत्वावधान में शिव कथा का शुभारंभ हुआ। संस्था के प्रमुख एवं संस्थापक दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य कृपा से यह कथा अब 28 जुलाई तक नोखा के बागड़ी शिव मंदिर में प्रतिदिन होगी।

कथा में भगवान शिव की भक्ति के लिए किया प्रेरित
कथा के प्रथम दिवस का उद्देश्य भक्तों को भगवान शिव की पावन कथाओं में निहित गहन शिक्षाओं का सफलतापूर्वक सम्प्रेषण करना था। इसने हजारों भक्तों को भगवान शिव की शाश्वत भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। कथा के सहयोग कर्ता संत श्री पदमाराम कुलरिया के परिवार जनों में संत जी की धर्मपत्नी श्रीमती हर प्यारी देवी पौत्री निशा कुलरिया ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा अर्चन किया। कथा व्यास साध्वी श्रीदिवेशा भारती, अनुपमा भारती, कंचन मुक्ता भारती, राजदीप भारती, गोपिका भारती, प्रभु ज्योति भारती, गुरबाज, प्रिंस, आदर्श, प्रियांशु,अंकित पारीक का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कुलरिया परिवार ने सद्भावना प्रेषित की
कथा के प्रथम दिवस पर मुंबई से संत पदमाराम जी कुलरिया के तीनों पुत्रों कानाराम कुलरिया, शंकर कुलरिया और धर्म कुलरिया ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कथा की सार्थकता हेतु अपनी सद्भावनाएं प्रेषित की व मुंबई में अपने परिवार जनों के साथ बैठकर कथा का आत्मिक आनंद लिया। कथा का यह सत्र भावपूर्ण भक्तिमय भजनों और वक्ता के गहन ज्ञान का एक सामंजस्यपूर्ण मिश्रण था।
साध्वी दिवेशा भारती ने शिव के अनेक दिव्य रहस्य बताए
कार्यक्रम में आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी दिवेशा भारती जी ने विभिन्न धर्मग्रंथों के श्लोकों के माध्यम से शिक्षाओं के गहन अर्थों और संदर्भों को कुशलतापूर्वक समझाया। भगवान शिव विनाश और परिवर्तन, दोनों के दिव्य पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मनुष्य के भीतर की बुराई का नाश करते हैं और उसे उत्कृष्टता की ओर ले जाते हैं। साध्वी जी ने भगवान शिव के जीवन के कई दिव्य रहस्यों का अनावरण किया, जिनमें कैलाश पर्वत पर उनका गहन ध्यान , उनका ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव), समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष का पान आदि शामिल हैं। खुली तीसरी आँख वाली ध्यान मुद्रा में विराजमान शिव आंतरिक जागृति, शांति और सचेतन जीवन के प्रतीक हैं। कथा के द्वितीय दिवस कल दोपहर 1से 4 बजे तक कथा का वाचन होगा।



