बीकानेर महानगर राष्ट्र सेविका समिति का घोषवादन के साथ निकला पथ संचलन

समाज

मातृशक्ति पर हुई जगह-जगह पुष्प वर्षा

बीकानेर // रामनवमी की पावन संध्या पर बीकानेर महानगर की बहनों द्वारा विराट राष्ट्रोदय पथ संचलन का आयोजन किया गया। घोष वादन के साथ कदमताल करती मातृशक्ति को देख लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की।

ओजस्वी पाथेय के पश्चात उमंग से भरी हुई बहनों ने सायं 5:30 बजे पथ संचलन आरंभ किया। वातावरण में घोष की ध्वनि के गुंजायमान होते ही ऊर्जा का संचार चारों दिशाओं में होने लगा। पतित पावनी गंगा नदी की तरह जैसे-जैसे पथ संचलन मार्ग पर आगे बढ़ता रहा पूरे मार्ग में कदम-कदम पर अनेक गणमान्य भगिनी बंधुओं एवं विविध संगठनों के दायित्वान भाइयों बहनों ने पुष्प वर्षा एवं भारत माता की जय के उद्घोष द्वारा बहनों का स्वागत किया। पथ संचलन खरनाडा़ मैदान से शुरू होकर लेडी एल्गिन स्कूल, शार्दुल स्कूल, कोटगेट, सट्टा बाजार वाली गली, लालजी होटल, हीरालाल मॉल के सामने, रानी बाजार चौराहा, अपेक्स हॉस्पिटल के सामने शकुंतला भवन के आगे से गुजरते हुए पुल के ऊपर से अंबेडकर सर्किल होकर मेडिकल कॉलेज में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समस्त महानगर कार्यकारिणी एवं विभाग कार्यकारिणी उपस्थिति रही।

महानगर कार्यवाहिका ने बताया कि
संचलन से पूर्व खरनाडा़ मैदान में बहनों का एकत्रीकरण हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ. रुचिका एवं कार्यक्रम की अध्यक्षा ममता रांका एवं मुख्य वक्ता और प्रांत शारीरिक प्रमुख मोनिका माहेश्वरी के द्वारा वंदनीय मौसी जी लक्ष्मीबाई केलकर, द्वितीय आद्य प्रमुख संचालिका सरस्वती ताई आप्टे एवं देवी अष्टभुजा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विभाग बौद्धिक प्रमुख एवं महानगर सह कार्यवाहिका ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्ष ने सेविकाओं के उत्साहवर्धन हेतु आशीर्वचन कहते हुए कहा कि आज इन बच्चियों को देखकर लग रहा है कि समाज की एक नई पौध तैयार हो रही है।

समाज में तरुणी व नारी शक्ति को संगठित होना होगा: मोनिका माहेश्वरी

मुख्य वक्ता मोनिका माहेश्वरी ने बताया कि समाज के उत्थान व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका तरुणियों व मातृशक्ति की है। बेटियों को राष्ट्र की नींव बताते हुए नारी तू नारायणी का संदेश दिया साथ ही वीरांगनाओं का उदाहरण दिया और आह्वान किया कि समाज की प्रत्येक तरुणी एवं नारी शक्ति को संगठित ,समर्थ , सशक्त एवं सक्षम बनना होगा। ऐसा करके ही हम तेजस्वी राष्ट्र के पुनर्निर्माण में कुछ कदम आगे बढ़ पाएंगे। मोनिका ने सेविकाओं को पथ संचलन हेतु ओज, तेज और शक्ति से संवृत्त करने के लिए प्रचंड हुंकार भरे बौद्धिक व्यक्तित्व से उनका उत्साह बढ़ाया।