

बीकानेर // संस्कृत भाषा विकास के प्रेरक स्व० ठाकुर हनुवंत सिंह की शोक सभा का आयोजन किया गया। ठाकुर साहब के छाया चित्र पर पुष्प एवं पुष्प माला अर्पित की गई तथा आत्मा की शांति के लिए ब्रह्मचारियों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों द्वारा मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा में श्री शार्दूल ब्रह्मचर्यश्रम ट्रस्ट के उपमंत्री एडवोकेट सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने ब्रह्मचारियों को संबोधन करते हुए बताया कि ठाकुर हनुवंत सिंह मंत्री श्री शार्दूल ब्रह्मचर्यश्रम ट्रस्ट रानी बाजार, बीकानेर के स्वर्गवास से ट्रस्ट को अपूर्णीय क्षति हुई है। बीकानेर के इतिहास में इन्हे संस्कृत और संस्कृति के विकास व विस्तार के लिए हमेशा याद किया जाएगा। श्रंद्धाजलि सभा में आश्रम के अधिष्ठाता पुखराज तंवर ने बताया कि मंत्रीजी ट्रस्ट के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हमेशा चिंतन करते रहते थे। इनके मंत्रित्व काल में ट्रस्ट भौतिक व आर्थिक स्थिति से काफी मजबूत हुआ है। आश्रम के पूर्व ब्रह्मचारी राजकुमार शर्मा ने कहा कि ठाकुर हनुवंत सिंह जी ब्रह्मचारियों के अभिभावक की भूमिका बेहतरीन तरीके से निभाई थी। शरदिंदु शुक्ल ने उनके जीवन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। शोक व श्रद्धांजलि सभा में मूलाराम पाकशास्त्री, मनमोहन, सुरेन्द्र शर्मा, पंडित गौरव शर्मा तथा समस्त ब्रह्मचारी भी सम्मिलित हुए।



