

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रबुद्ध जन के साथ संगोष्ठी

नागौर // राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,नागौर के संपर्क विभाग द्वारा प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विभाग केंद्र संपर्क प्रमुख दयाल प्रकाश विश्नोई ने बताया कि सैनिक बस्ती स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित इस संगोष्ठी का शुभारंभ क्षेत्रीय सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र कुमार ने मां भारती के दिव्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। मंचस्थ महानुभावों का परिचय विभाग संपर्क प्रमुख हेमंत जोशी ने करवाया।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए योगेंद्र कुमार ने कहा कि आज गणतंत्र दिवस समारोह सम्पूर्ण देश भर में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। राष्ट्र के स्वतंत्रता संग्राम में और विकसित राष्ट्र बनाने में वर्तमान में भी मातृ शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। यह वर्ष पुण्यश्लोका अहिल्या बाई होल्कर का 300 वा जन्म वर्ष है। अहिल्या बाई होल्कर का जीवन धर्म की पुनः संस्थापना करने और राष्ट्रीय एकता,अखंडता को अक्षुण्ण रखने में सहायक रहा है। इसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी अपने 100 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। देश भर में पंच परिवर्तन को आधार मानकर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां, पथ संचलन, सम्मेलन, उत्सव, सेवा कार्यों को संघ के स्वयं सेवकों द्वारा गति प्रदान की जा रही है। विकसित राष्ट्र का स्वप्न समाज के लोगों के श्रेष्ठ आचरण और आदर्श व्यवहार,कर्तव्य पालन से ही संभव है। अब हमें हीनता और निराशा के भावों को त्यागकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण में लगना होगा। आतंकवाद आज भी संपूर्ण विश्व के लिए खतरा बना हुआ है।विगत वर्षों में हमारे देश ने अपना सामर्थ्य बढ़ाकर आतंकवाद के विरुद्ध अंतिम और निर्णायक संघर्ष प्रारंभ कर दिया है।
मुख्य वक्ता योगेंद्र कुमार ने कहा कि देश के कुशल नेतृत्व और सुदृढ़ रक्षा व्यवस्था के चलते अब आतंकी हमलों के बारंबारता और प्रबलता में कमी आई है। योग,आयुर्वेद और भारतीय कुटुंब व्यवस्था के आधारभूत लाभों को अब विश्व भी स्वीकार करने लगा है। भारतीय आध्यात्मिकता ही मानव को शांति और स्थिरता प्रदान कर सकती है,विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान सनातन धर्म और दर्शन में हैं। हमारा समाज विविधताओं से भरा हुआ होते हुए भी आंतरिक ताने बाने के माध्यम से एकजुट है। हमारे सभी लोक देवता सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाले हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी लोक देवता का जीवन, उपदेश और शिक्षा कभी सीमित, संकीर्ण और नकारात्मक नहीं रही है। हम तो वे लोग हैं जिन्होंने सृष्टि के कण कण में उसी परम सत्ता का दर्शन किया है। वर्तमान में समाज के युवाओं में नशा करने की विकृति बढ़ती जा रही है। समाज की सज्जन शक्ति को अपनी सक्रियता बढ़ाकर ऐसे भ्रमित युवाओं को जाग्रत करना पड़ेगा।कार्यक्रम के प्रारंभ में संपर्क टोली के सदस्य शरद कुमार जोशी ने राष्ट्रगीत वन्देमातरम की प्रस्तुति दी। आभार नगर सह संपर्क प्रमुख मोहन जांगीड़ ने प्रकट किया।
विभाग प्रचारक ने बताई संघ की 6 गतिविधियां
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागौर विभाग प्रचारक गिरधारी लाल ने कहा कि संघ के कार्यक्रमों में 6 गतिविधियां चलती है। समाज जीवन में व्याप्त विषमता का क्षणिक नहीं स्थाई समाधान आवश्यक है। उन्होंने सुदर्शन सेवा संस्थान द्वारा चलाए जा रहे घुमंतु परिवारों के बालकों के निमित्त रामदेव सेवा धाम छात्रावास, शिक्षा संस्कार व सामाजिक समरसता से संबंधित कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन सत्ता आधारित न हो ऐसा संघ का विचार है। समाज का मन सामाजिक समरसता की दृष्टि से बङा बनाना यह बहुत बड़ी बात है।
इन्होंने भी विचार रखे
प्रबुद्ध जन गोष्ठी में कैलाश वर्मा, लूणकरण बेताला, डॉ पूर्णिमा कात्याल, कैलाश रतावा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
ये भी रहे उपस्थित
प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में सामाजिक कार्यकर्ता बालकिशन भाटी,हनुमान सिंह देवड़ा, नृत्य गोपाल मित्तल, भोजराज सारस्वत,ओमप्रकाश वर्मा, हरिराम धारणिया, मोहन जांगीड़,रवि सलोदिया, शिवकरण डेलू, उम्मेदसिंह राजपुरोहित, नागर चंद भार्गव, जस्साराम, रामावतार चांडक, डॉक्टर हरसुख राम छरंग आदि मौजूद रहे।



