

जिला कलक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर दिए निर्देश
नागौर // केन्द्र एवं राज्य सरकार की ओर से आमजन के स्वास्थ्य कल्याण को लेकर जो योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, उनके जुड़े लक्ष्यों को पूरा करें। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं ब्लॉक स्तर की बैठक लेकर समीक्षा करें। यह निर्देश जिला कलक्टर डॉ. अरूण कुमार पुरोहित ने बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि लॉ परफोर्मिंग चिकित्सा संस्थानों की ब्लॉक वार अलग से कार्ययोजना बनाकर हैल्थ इंडिकेटर्स पर काम किया जाए। जिला कलक्टर ने आंकाक्षी ब्लॉक जायल की प्रगति रिपोर्ट पर भी बीसीएमओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जुगल किशोर सैनी द्वारा हेल्थ इंडिकेटर्स पर प्रस्तुत की गई प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने बैठक में मौजूद चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक उन्नत करने के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी टीम वर्क के साथ सभी हैल्थ इंडीकेटर्स पर काम करें।
जिला कलक्टर ने आयुष्मान कार्ड ईकेवाईसी, आयुष्मान कार्ड वितरण, प्रधानमंत्री वय वंदना कार्ड की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसे लेकर राज्य सरकार की ओर से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति जल्द से जल्द पूर्ण की जाए। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत सम्बद्ध राजकीय एवं निजी अस्पतालों में अधिक से अधिक पात्र मरीजों को इसका लाभ देकर कैशलेस उपचार के पैकेज बुक किए किए जाएं। उन्होंने समस्त खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के समस्त राजकीय चिकित्सा केन्द्रों पर आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, ऐसा सुनिश्चित करें। बैठक में एनसीडी कार्यक्रम से जुड़ी समस्त स्वास्थ्य सेवाओं की गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर महेश वर्मा द्वारा स्लाइड प्रेजेंटेशन के जरिए प्रस्तुत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद जिला कलेक्टर ने सब सेंटर लेवल पर एएनसी रजिस्ट्रेशन बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप जिला अस्पताल एवं जिला अस्पताल स्तर तक संस्थागत प्रसव को और अधिक बढ़ावा देने, नियमित टीकाकरण का लाभ सभी शिशुओं को प्रदान करने तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम के निर्धारित टारगेट पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण की एंट्री यूविन एप पर आवश्यक रूप से की जाए।
जिला औषध भंडार प्रभारी डॉक्टर राजेश पाराशर द्वारा निशुल्क दवा एवं निशुल्क जांच सुविधाओं से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में पेशेंट वाउचर का बैकलॉग पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर एमएनडीवाई के तहत निर्धारित मात्रा में दवाइयां एवं एमएनजेवाई के तहत निर्धारित संख्या में जांचों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि ई औषधि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सभी चिकित्सा संस्थान नियमित रूप से करें। जिला कलक्टर ने जननी सुरक्षा योजना व लाडो प्रोत्साहन योजना की प्रगति रिपोर्ट पर समीक्षा की।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर शीशराम चौधरी द्वारा प्रस्तुत परिवार कल्याण कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के तहत शक्ति दिवस पर एनीमिक बालिकाओं की जांच करते हुए उन्हें आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित करें तथा पौष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दें।
बैठक में पंडित जेएलएन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. अग्रवाल, एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सोनी, एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान ने भी विचार व्यक्त किए।
ये रहे मौजूद
बैठक में खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रतनाराम बिड़ियासर, डॉ. आरके सारण, डॉ. आरके तंवर, डॉ. चैनाराम, डॉ. राकेश सिरोही, डॉ. श्रीफल मीणा, डॉ. राजेन्द्र चौधरी, एनएचएम के जिला लेखा प्रबंधक जीवन पाल, एनयूएचएम के डीपीएम डॉक्टर चंद्र सिंह शेखावत, मां योजना के डीपीसी सुनील भादू, एनसीडी कार्यक्रम के एफसीएलओ सादिक त्यागी, आरआई कॉर्डिनेटर जाकिर खान सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।



