



जगह-जगह भक्तों ने धोक लगाकर की पूजा अर्चना
बीकानेर // नगर सेठ श्री लक्ष्मीनाथ जी आज रथ पर सवार होकर गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण पर निकले। उनके साथ लक्ष्मी माता भी थीं। इस दौरान जगह-जगह भक्तों ने धोक लगाकर उनकी पूजा अर्चना की। आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की बारस को रथ पर सवार होकर बीकानेर नगर भ्रमण को निकले। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए माला प्रसाद चढ़ा कर स्वागत किया।
श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर के मुख्य पुजारी शंकर महाराज ने बताया कि सैकड़ो वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार देवउठनी एकादशी सालिगराम जी-तुलसी जी के विवाह के बाद बारस को श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से रथ यात्रा रात्रि 7 बजे से शुरू हुई। मंदिर के कथावाचक विजय शंकर व्यास, शुभम सेवग, अरविंद सेवग, दीपक सेवग, नितिन सेवग कान्हा, सुमित सेवग ठाकुरजी के साथ थे।
लक्ष्मीनाथ मंदिर पर्यावरण समिति के अध्यक्ष सीताराम कच्छावा ने बताया कि रथयात्रा श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से प्रारम्भ होकर महालक्ष्मी मंदिर,घाटी भैरव मंदिर, दर्जियों की बड़ी गुवाड़, सुराणो का मोहल्ला, सब्जीमंडी, चाय पट्टी,आसानियों का चौक, गोलछो का चौक, नाहटों का चौक, भुजिया बाजार, रांगड़ी चौक, ठंठेरा मोहल्ला, सुनारों की तीनों गुवाड़, कोचरों का चौक, गिराणी सोनारों का मोहल्ला, बागड़ी मोहल्ला, डागा प्रोल, बच्छावतों की गली से होते हुए वापस श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर प्रातः करीब 5 बजे पहुंचेगी। आज पूरी रात ठाकुर जी नगर भ्रमण करेंगे।




