




79 वार्डों में करीब 69 प्रतिशत मतदान, दिनभर मतदान केंद्रों पर दिखा उत्सव जैसा माहौल
बीकानेर // नगर निगम चुनाव 2026 के तहत आज मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। सुबह मतदाताओं की कतारें, दिनभर प्रत्याशियों की दौड़-भाग और शाम होते-होते जीत-हार के दावों का दौर… बुधवार को बीकानेर में नगर निगम चुनाव का मतदान इसी चुनावी रंग के बीच संपन्न हुआ। नगर निगम के 79 वार्डों के लिए हुए मतदान में शहरवासियों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर दिनभर चहल-पहल रही और प्रत्याशी व उनके समर्थक अंतिम समय तक अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए सक्रिय नजर आए। अंतिम जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्र में करीब 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं।

सुबह मतदान शुरू होते ही शहर के विभिन्न वार्डों में मतदाताओं का उत्साह दिखाई दिया। कई मतदान केंद्रों पर शुरुआती घंटों में मतदाताओं की कतारें लगीं तो दिन चढ़ने के साथ मतदान की गति भी बढ़ती गई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी मतदान में भागीदारी निभाई। प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों ने मतदाताओं से मतदान की अपील करने के साथ-साथ अपने समर्थकों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने में पूरी ताकत लगा दी।

दिन भर चला कयासों का दौर

शहर के चौक-चौराहों, मोहल्लों और गलियों में दिनभर चुनावी चर्चा का माहौल रहा। मतदान केंद्रों के बाहर लोग अपने वार्ड के चुनावी समीकरणों पर चर्चा करते नजर आए। कहीं मुकाबला सीधा दिखाई दिया तो कहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने चुनौती खड़ी की। मतदान समाप्त होते ही प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने स्तर पर मतदान प्रतिशत, बूथवार स्थिति और क्षेत्रीय समीकरणों का आकलन करने में जुट गए।
इन वार्डो में रहा रोचक मुकाबला
वार्ड संख्या 57, 59, 60, 73, 74 और 75 सहित कई वार्डों में चुनावी मुकाबला खासा चर्चा में रहा। इन वार्डों में प्रत्याशियों ने पिछले कई दिनों से जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के प्रयास किए थे। मतदान के दिन भी प्रत्याशी और उनके समर्थक पूरी तरह सक्रिय रहे। कई स्थानों पर महिला प्रत्याशियों ने भी घर-घर संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील की।
मेघवाल और व्यास ने किया मतदान
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने नागरिकों से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने मताधिकार का उपयोग करने की अपील की। वहीं बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने भी मतदान किया और मतदाताओं से अधिकाधिक मतदान की अपील की। जनप्रतिनिधियों के मतदान केंद्रों पर पहुंचने के दौरान भी लोगों में उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और समर्थक भी मतदान प्रक्रिया के दौरान सक्रिय नजर आए।
प्रशासन-पुलिस की रही पैनी नजर
मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत जैन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने मतदान प्रक्रिया के दौरान विभिन्न गतिविधियों पर नजर रखी। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिसकर्मी मतदान केंद्रों के बाहर और आसपास लगातार निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते मतदाताओं ने बिना किसी बड़ी परेशानी के मतदान किया।
भाजपा-कांग्रेस के बीच प्रमुख मुकाबला
नगर निगम के अधिकांश वार्डों में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा। हालांकि कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय और बहुकोणीय बना दिया है। ऐसे में कुछ वार्डों में परिणाम पूरी तरह स्थानीय समीकरणों, व्यक्तिगत जनसंपर्क और प्रत्याशियों की पकड़ पर निर्भर माना जा रहा है।
इन चुनावों में दीपक पारीक, अनिल कल्ला, श्याम सिंह हाडला, सुरेंद्र सिंह शेखावत, मकसूद अहमद, किशोर आचार्य, सुशीला कंवर राजपुरोहित, डॉ. भगवान सिंह मेड़तिया, सुरेंद्र सिंह शेखावत, संजय आचार्य, धर्मवीर नाहटा, दुर्गादास छंगाणी सहित अनेक दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। विभिन्न वार्डों में इन नेताओं की सक्रियता और राजनीतिक प्रभाव का असर चुनाव परिणामों में कितना दिखाई देगा, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर है।
मतदान के बाद शुरू हुआ समीकरणों का दौर
मतदान समाप्त होते ही प्रत्याशियों के खेमों में जीत-हार के आंकलन का दौर शुरू हो गया। प्रत्याशी अपने-अपने बूथों से मिले मतदान के आंकड़ों को जुटाकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। समर्थक भी अपने प्रभाव वाले इलाकों में हुए मतदान को जीत का संकेत मान रहे हैं। कई प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए, जबकि कुछ वार्डों में कांटे की टक्कर के कारण परिणाम को लेकर असमंजस बना हुआ है।
निगाहे अब बोर्ड गठन पर
अब राजनीतिक दलों की निगाह नगर निगम में बोर्ड गठन पर है। बहुमत का आंकड़ा कौन हासिल करेगा और यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होगी, इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर संभावित परिणामों के आधार पर राजनीतिक गणित बैठाने में जुट गए हैं।
14 सितंबर को खुलेगा जनादेश
नगर निगम चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को पॉलिटेक्निक कॉलेज में होगी। इसी दिन 78 वार्डों में चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशियों, 79 वार्डों में उतरे भाजपा प्रत्याशियों और निर्दलीय प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। वार्ड 69 में भाजपा प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुका है।



