



260 स्थानों पर होगा पथ संचलन
नागौर // विजयादशमी 27 सितंबर 1925 में डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित विश्व के सबसे बङे संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपना स्थापना शताब्दी वर्ष मना रहा है। 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले इस शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम पूरे वर्ष भर आयोजित होंगे। अगले वर्ष विजयादशमी तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा जिसमें विश्व इतिहास का सबसे व्यापक गृह संपर्क अभियान भी शामिल है।
नागपुर में देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य आतिथ्य में नागपुर में केन्द्रीय कार्यक्रम होगा जिसमें संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का बौद्धिक पाथेय प्राप्त होगा। 100 वर्ष के इतिहास में विजयदशमी पर पहली बार नागपुर में तीन पथ संचलन एक साथ आयोजित होंगे।
इसी प्रकार शासकीय दृष्टि से पुराने नागौर जिले जिसमें डीडवाना कुचामन जिला भी शामिल है में यह कार्यक्रम मेड़ता जिला, नागौर जिला व डीडवाना कुचामन जिले की संगठनात्मक योजना के तहत कार्यक्रम होंगे। संघ के नागौर विभाग संघ चालक हनुमान सिंह देवड़ा ने बताया कि संघ दृष्टि से नागौर विभाग में 251 मंडल है जिसमें से 260 स्थानों पर पथ संचलन के कार्यक्रम होंगे। 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक इन कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इसमें डीडवाना जिले में 105 पथ संचलन सहित 158 स्थानों पर विजयादशमी उत्सव, नागौर जिले में 69 पथ संचलन सहित 113 स्थानों पर विजयादशमी उत्सव तथा मेड़ता जिले के सभी 84 मंडलों में पथ संचलन के कार्यक्रम होंगे। इसमें नागौर विभाग के नगरीय क्षेत्र की सभी 87 बस्तियों में बस्ती अनुसार कार्यक्रम होंगे।
मेङता में होगा द्विधारा घोष संचलन
कार्यक्रम की पूर्व तैयारी व भाव जागरण की दृष्ट से मेड़ता नगर में विशेष रूप से रविवार 28 सितंबर को द्विधारा घोष संचलन का आयोजन होगा। रात्रि 7:15 बजे से आयोजित होने वाले इस संचलन में स्वयंसेवक मेड़ता नगर के माणक चौक में संपत करेंगे तथा विभिन्न मार्ग व चौराहों से संचलन करेंगे। इस द्वि धारा घोष संचलन का संगम स्थान घाना मार्केट रहेगा।
विजयादशमी पर होगा शस्त्र पूजन
विजयादशमी के अवसर पर होने वाले इन कार्यक्रमों में सभी स्थानों पर पथ संचलन से पूर्व शस्त्र पूजन का कार्यक्रम होगा। मातृशक्ति या सामाजिक कार्यकर्ताओं के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में सभी स्थानों पर पदाधिकारियों द्वारा बौद्धिक पाथेय प्रदान किया जाएगा। बौद्धिक के पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा घेाषवादन के साथ अपने-अपने मंडल या बस्ती केंद्र में विभिन्न मार्ग व चौराहे से पथ संचलन निकाला जाएगा। शंख, पण्णव, आणक, बंसी, त्रिभुज व झांझ आदि भारतीय वाद्य यंत्रों में श्रीराम, भूप, उदय, शिवरंजनी व किरण आदि भारतीय शास्त्रीय रचनाओं का वादन होगा। स्वयंसेवकों द्वारा संघ की पूर्ण गणवेश में कंधे पर दंड लेकर स्कंध की स्थिति में घोषवादन के साथ कदम से कदम मिलाया जायेगा।
विभिन्न वाहिनियों के साथ होगा पथ संचलन
गुरुवार 2 अक्टूबर को विजयदशमी के पावन पर्व पर नागौर जिला मुख्यालय पर अद्भुत व भव्य कार्यक्रम दर्शन का सौभाग्य नागरिकों को प्राप्त होगा। असत्य पर सत्य व अधर्म पर धर्म की विजय के पर्व तथा संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष के शुभारंभ दिवस पर संघ की संगठन की योजना के अनुसार बनी नगर की 16 बस्तियों में पथ संचलन के कार्यक्रम होंगे। 16 भगवा ध्वज, 16 घोष दलों के साथ स्वयंसेवक 16 पथ संचलन में सहभागी बनेंगे। शारदापुरम् मंडल की श्रीयादे, खत्रीपुरा बस्ती व शारदापुरम् बस्ती के साथ-साथ चेनार, रामदेव, आवासन मंडल व ताऊसर बस्ती के स्वयंसेवक सवेरे 8:30 बजे अपनी – अपनी बस्ती के अनुसार निर्धारित स्थान पर संपत करेंगे। शस्त्र पूजन, अवतरण, गीत के पश्चात संघ के पदाधिकारी के बौद्धिक मार्गदर्शन के पश्चात बस्ती अनुसार संचलन होंगे। इसमें विश्वकर्मा, श्रीराम, प्रताप व बाड़ी कुआं बस्ती के साथ-साथ हनुमान बस्ती, मुख्य स्थान, बाल समंद व महालक्ष्मी बस्ती के विद्यार्थी, युवा व प्रौढ स्वयंसेवक समान रूप से संघ की गणवेश में घोष वादन के साथ अपनी अपनी बस्ती के मुख्य मार्गों पर पथ संचलन करेंगे।



