



यह विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद पहली बार किसी को मानद उपाधि दे रहा है।
बीकानेर। // महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद पहली बार मानद उपाधि देने जा रहा है। यह मानद उपाधि अयोध्या में नव निर्मित राम मंदिर में विराजित रामलला की मूर्ति बनाने वाले नामचीन मूर्तिकार अरुण योगीराज को प्रदान की जाएगी। इसी 15 अप्रैल को बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में अरुण योगीराज को मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा ।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी व अतिरिक्त कुल सचिव डॉक्टर विठ्ठल बिस्सा ने बताया कि प्रसिद्ध मूर्तिकार आरुण योगीराज को विश्वविद्यालय कुलाधिपति एवं राज्यपाल हरिभाऊ बागडे द्वारा कला संकाय में मानद उपाधि विद्या वाचस्पति PhD प्रदान की जाएगी। इस हेतु आगामी 15 अप्रैल को विश्वविद्यालय में एक विशेष समारोह आयोजित होगा जिसमें विश्वविद्यालय कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे एवं कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज को मानद उपाधि प्रदान करेंगे। इस हेतु राज्यपाल ने अपनी सहमति विश्वविद्यालय को प्रदान कर दी है। समारोह को भव्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज 14 अप्रैल को बीकानेर आएंगे। अरुण योगीराज बीकानेर प्रवास के दौरान विश्वविद्यालय में संचालित ड्राइंग एंड पेंटिंग फाइन आर्ट विभाग के विद्यार्थियों , शिक्षकों तथा कला प्रेमियों के साथ संवाद कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय की स्थापना 2003 के पश्चात नो दीक्षांत समारोह आयोजित किये जा चुके हैं। जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा लाखों बच्चों को उपाधि एवं मैडल प्रदान किए गए हैं। विश्वविद्यालय कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित की पहल पर प्रथम बार विश्वविद्यालय विद्या परीषद एवं प्रबंध बोर्ड द्वारा देश के ख्याति नाम व्यक्तियों जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल की है उन्हें विश्वविद्यालय में मानद उपाधि दिए जाने का निर्णय लिया था। उसी कड़ी में यह आयोजन किया जा रहा है।
अनेक मूर्तियां बना चुके हैं योगीराज
बिसा ने बताया कि प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में पूरे भारतवर्ष में विशेष उपलब्धि हासिल की है। उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियों में विशेष रूप से कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति, अयोध्या में भगवान श्री रामलला की मूर्ति, अमरनाथ धाम में निर्मित मूर्ति आदि अनेक कार्य उनकी बेहतरीन कला के नमूने हैं। योगीराज को देश-विदेश की अनेक संस्थाओं ने कला के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए योगदान के लिए सम्मानित किया है।



