जब लोग परेशानी में हो तो प्रशासन आराम से नहीं रहना चाहिए- सुधांशु पंत

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जनसुनवाई की वीसी के जरिए अधिकारियों से मुखातिब हुए मुख्य सचिव सुधांश पंत

बीकानेर // मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि यह समय अधिकारियों के लिए बहुत संवेदनशील होकर कार्य करने का है। अधिकारीगण आधा समय फिल्ड में और आधा समय कार्यालय में रहें। मैसेज ये जाना चाहिए कि 45-48 डिग्री तापमान में भी राजस्थान के अधिकारी फिल्ड में लोगों के बीच में हैं और उनकी समस्याओं को फिल्ड में रहकर महसूस कर रहे हैं और उनका निस्तारण भी करवा रहे हैं।

मुख्य सचिव सुधांश पंत गुरूवार को राज्य भर में चल रही जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान जयपुर सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब लोग बिजली, पानी और चिकित्सा को लेकर परेशानी में हो तो प्रशासन आराम से नहीं रहना चाहिए।

पानी, बिजली और चिकित्सा की बैठकें प्रभावी ढंग से करें*)

पंत ने कहा कि पानी, बिजली और चिकित्सा को लेकर बैठकें रूटीन में नहीं करके प्रभावी ढंग से करनी है और डिस्पोजल भी प्रभावी ढंग से ही करना है ताकि भीषण गर्मी में हम लोगों को अधिकतम राहत दे सकें।

संपर्क पोर्टल पर परिवेदनाओं का निस्तारण समय 15 दिन किया

उन्होने बताया कि राजस्थान में संपर्क पोर्टल पर परिवेदनाओं का डिस्पोजल टाइम पहले 46 दिन था जो कम होकर 15 दिन हो गया है। साथ ही रिलीफ सैटिस्फैक्शन भी 8 फीसदी बढ़ा है। ये आंकड़े अच्छो हो सकते हैं लेकिन हमें हकीकत में भी आमजन की परिवेदनाओं का हमेशा प्रभावी डिस्पोजल करना है। रिलीफ सैटिस्फैक्शन और रिजक्शन सैटिस्फैक्शन को बढ़ाना है। किसी की परिवेदना रिजेक्ट हुई है तो उसे संतुष्ट करना है कि क्यों रिजक्ट की गई। उन्होने कहा कि 21 अप्रैल सिविल सर्विस डे पर संपर्क पोर्टल के एडवांस वर्जन को लॉच करने की संभावना है। इस दिन संपर्क पोर्टल पर विभिन्न कैटेगरी में अच्छा परफोर्मेंस करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।

अनावश्यक छुट्टियों पर ना जाए अधिकारी

मुख्य सचिव ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में अधिकारीगण अनावश्यक छुट्टियों पर ना जाएं। केवल शादी, गमी या मेडिकल इश्यू पर ही छुट्टी लें। जिला स्तरीय अधिकारीगण जिला कलेक्टर से और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी संबंधित एसडीएम से छुट्टी लेकर ही मुख्यालय छोड़ें।

इन अधिकारियों ने दी जानकारियां

संभागीय आयुक्त डॉ रवि कुमार सुरपुर ने मुख्य सचिव को बताया कि नहरबंदी को लेकर बीकानेर संभाग के सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गर्मी के मौसम को देखते हुए लू, तापघात आदि को लेकर भी बैठकें ली जा चुकी है। लोगों को पानी, बिजली को लेकर कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने बताया कि जनसुनवाई में अतिक्रमण, डिलिमिटेशन, अलोटमेंट के इश्यू ज्यादा आ रहे हैं। जिनका प्रभावी निस्तारण किया जा रहा है। गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले में प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है।

91 परिवाद हुए पेश

जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर के समक्ष कुल 91 प्रकरण आए। जिनमें से सर्वाधिक 27 राजस्व के, 20 नगर निगम के, 10 बीडीए के,08 जोधपुर डिस्कॉम के, 07 पंचायत पुर्गठन के एवं बाकी अन्य विभागों से संबंधित थे। अधिकांश प्रकरणों का जिला कलेक्टर द्वारा मौके पर ही निस्तारण किया गया। अन्य परिवेदनाओं के निस्तारण को लेकर जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देशित किया।