पुनर्गठन के लिखित आदेश आने पर ही आंदोलन समाप्त होगा – विनोद भाटी

प्रशासन

नागौर में न्यायिक कर्मचारियों की हड़ताल जारी, कामकाज पूरी तरह ठप

नागौर // राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के आह्वान पर कैडर पुनर्गठन की माँग को लेकर शुरू हुआ अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश आज तीसरे दिन भी जारी रहा।
मेड़ता, डीडवाना सहित समूचे राजस्थान के अधीनस्थ न्यायालयों में न्यायिक कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण सभी न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हैं, जिससे आमजन को न्यायिक सेवाएँ नहीं मिल पा रही हैं।

हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया, किन्तु कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। कर्मचारी संघ का स्पष्ट कहना है कि जब तक माननीय उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को भेजा गया कैडर पुनर्गठन का प्रस्ताव लागू नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

आज भी न्यायिक कर्मचारियों ने न्यायालय परिसरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं रैली निकाली तथा एकजुटता का परिचय दिया। हड़ताल में महिला कर्मचारी, वरिष्ठ सदस्य एवं युवा साथी पूरे उत्साह से सम्मिलित हो रहे हैं।

कर्मचारियों को संबोधित करते हुए न्यायिक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष विनोद भाटी ने कहा कि जब तक सरकार पुनर्गठन के आदेश जारी नहीं करेगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी संघ ने पुनः सरकार से आग्रह किया है कि उच्च न्यायालय की संस्तुति अनुसार कैडर पुनर्गठन को शीघ्र आदेशित किया जाए, जिससे न्यायिक व्यवस्था को सामान्य किया जा सके। आंदोलन शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं न्यायिक मर्यादा के अनुरूप है।