



बंगाल हिंसा के खिलाफ नागौर में विश्व हिन्दू परिषद का जोरदार विरोध प्रदर्शन
नागौर // बंगाल में वक्फ कानून की आड़ में हो रही हिंसा के खिलाफ शनिवार को विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में सर्व हिन्दू समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बाद में राष्ट्रपति के नाम का एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सुपुर्द किया गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि बंगाल हिंसा की जांच एनआईए से कराई जाए और बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए ताकि हिन्दुओं का पलायन रोका जा सकें।
विहिप के जिला मंत्री मेघराज राव ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह दस बजते ही बडी संख्या में सर्व समाज के लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। यहां वक्ताओं ने कहा कि बंगाल में सुनियोजित तरीके से हिन्दुओं को पलायन पर विवश किया जा रहा है। बंगाल के मुर्शिदाबाद में 500 हिन्दू परिवार पलायन कर चुके हैं। वक्फ कानून की आड में हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। अब तक तीन हत्याएं हो चुकी है तथा हजारों लोग दंगों में घायल हो चुके हैं। मुस्लिम समाज वक्फ कानून के विरोध में कानून हाथ में ले रहा है। जबकि ये कानून हिन्दुओं ने नहीं बल्कि संवैधानिक रूप से संसद में पारित हुआ है। वे लोग कानून व संविधान से ऊपर उठकर हिंसा कर रहे हैं और बंगाल सरकार व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें खुला समर्थन दे रही है। ऐसे में बंगाल में राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प शेष बचा है तभी बंगाल में हिंसा शांत होगी।
इन्होंने किया धरने को संबोधित
नेहरू उद्यान में धरने को संबोधित करते हुए रामनवमी महोत्सव समिति के अध्यक्ष सूरजमल भाटी ने कहा कि जिहादियों द्वारा वक्फबोर्ड कानून के विरोध की आड़ में संपूर्ण बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और राष्ट्र विरोधी तथा हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से अपने षडयंत्रों को क्रियान्वित करने की खुली छूट दी जा रही है उसे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है मुर्शिदाबाद से प्रारंभ हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में फैलती हुई दिखाई दे रही है। शासकीय तंत्र दंगाइयों के सामने केवल निष्क्रिय ही नहीं अब तो कई स्थानों पर इनका सहायक या प्रेरक बन गया है इसलिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करके पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। संत भागीरथराम शास्त्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए इससे पहले केंद्र सरकार को प्रशासन का नियंत्रण व संचालन अपने हाथ में लेकर राष्ट्र विरोधी तत्वों को उनके कुकर्मों के लिए कठोरता सजा दी जानी चाहिए।

वक्फ कानून हिन्दुओं ने लागू नहीं किया बल्कि संसद ने लागू किया है- मंहत लक्ष्मीनारायण दास
महंत लक्ष्मीनारायण दास महाराज ने कहा कि मुस्लिम भीड़ द्वारा 11 अप्रैल 2015 को वक्फकानून के विरोध के नाम पर किया गया हिंसक प्रदर्शन कानून बनाने वाली सरकार के विरोध में नहीं अपितु हिंदुओं पर हिंसक आक्रमण के रूप में था जबकि हिंदू समाज का इस कानून के निर्माण में कोई भूमिका नहीं थी। यह एक शुद्ध संवैधानिक प्रक्रिया थी इसका स्पष्ट अर्थ है कि वक्फ तो केवल बहाना था असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। इस उन्मादी जिहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूट कर जलाया सैकड़ो हिंदुओं को बुरी तरह घायल किया वह तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई दर्जनों महिलाओं के साथ अत्याचार किया गया। मातृशक्ति की जिला संयोंजिका अनुपमा उपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की घटना संपूर्ण हिंदू समाज को उदयलित करती है हिंदू समाज को एकजुट होकर मुकाबला करने की आवश्यकता है। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री ने कार्यक्रम का संचालन किया धरने को विश्व हिंदू परिषद के पुखराज सांखला ने भी संबोधित किया। परिषद के जिला अध्यक्ष रामेश्वर सारस्वत कहा कि बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में आ चुकी है बांग्लादेशी में रोहिंग्या घुसपैठियों को निर्वाध रूप से आने दिया जा रहा है उनके आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं तथा पाकिस्तान एवं बांग्लादेशी आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ती जा रही है इसलिए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर एडवोकेट अजीत ओझा, समाजसेवी हरिराम धारनिया, राम प्रताप सांखला, पुरुषोत्तम राजवंशी, विश्व हिंदू परिषद की महिला उपाध्यक्ष नीलू खड़लोया, भाजपा महिला मोर्चा की पुष्पा बागड़िया, जनसंख्या समाधान फाऊंडेशन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज प्रजापत, वर्षा स्वामी, प्रवीण बांठिया, गणेश त्रिवेदी, प्रताप सिंह राजपुरोहित, रामनिवास झाड़वाल, पिंटू राव पार्षद शिवकुमार राव, हनुमान सिंह देवड़ा, युवराज सैनी, चेनाराम कच्छावा, रामदेव गहलोत, सुखदेव मनिहा,र सुरेश अटल, राजेंद्र प्रजापत, अनिल स्वामी, धीरज कोठारी, रमेश खोजा, बालमुकुंद ओझा, दिलीप भोजक, चेतन सागर, गिरधारी बालवा सहित सर्व हिंदू हिंदू समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।



