बाबा साहेब रहे सनातन परंपराओं के ही मध्य, जिन्ना के साथ नहीं रहे – बंशीलाल भाटी

राजनीति

भारत विकास परिषद के सामाजिक समरसता सप्ताह के तहत विचार गोष्ठी आयोजित

नागौर // निर्माता डा. अंबेडकर ने अनेक श्रेणियों और वर्गों को ध्यान में रखते संविधान का निर्माण किया है जो हमारे संविधान की विशेषता है। हमारा संविधान सर्वसमावेशी, सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर चलने वाला, समाज के अंतिम छोर पर बैठे सामान्यतम व्यक्ति को जीवन जीने का उत्तम अवसर प्रदान करने वाला है।” ये विचार श्रद्धेय बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जयंती आयोजन समिति, नागौर द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता सप्ताह के अंतर्गत भारत विकास परिषद् शाखा नागौर के तत्वावधान में संयोजित प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में अतिरिक्त महाधिवक्ता बंशीलाल भाटी ने प्रकट किए।
भाटी ने व्याख्यान देते हुए कहा कि हमें वर्ष में केवल एक दिन ही नहीं बल्कि 365 दिन बाबा साहेब अंबेडकर जी को स्मरण करना चाहिए। जिस प्रकार बाबा साहेब ने अभावों के मध्य रहकर भी संघर्ष किया और समाज के विकास के बारे में अपना पूरा जीवन लगा दिया उसी प्रकार हमें भी बाबा साहेब बनकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। बाबा साहेब केवल एक जाति अथवा वर्ग विशेष के महापुरुष नहीं अपितु सम्पूर्ण भारत वर्ष के लिए युगपुरुष थे। भाटी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय पिछड़े व दलित समाज में से सबसे बड़े संविधान जानकार योगेंद्र नाथ मंडल व बाबा साहब में से मंडल ने सनातन का विरोध करने वाले जिन्ना का साथ चुना जहां पाकिस्तान में केवल उन्हें पछतावा के अलावा कुछ नहीं मिला लेकिन इस दृष्टिकोण से बाबा साहब दूर द्रष्टा थे। सनातन परंपराओं में रहकर ही वैसा ही रहने का प्रयास उन्होंने किया। इस दृष्टि से बाबा साहब प्रबल राष्ट्रभक्त थे। अंतिम वर्ग को अधिकतम अवसर देकर उन्हें समाज के अन्य लोगों के साथ खड़ा करें यह प्रबल राष्ट्रभक्ति ही है।

अंबेडकर बहुमुखीा प्रतिभा के धनी थे- एडीएम जीनगर

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व अतिरिक्त जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने कहा कि डॉ. अंबेडकर बहुमुखी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका विचार था कि बराबरी का हक देने पर ही सामाजिक समरसता का भाव बढ़ता है। जिस प्रकार वाहन के चार पहिए सभी एक दूसरे का साथ दें तो गंतव्य पर ठीक प्रकार से पहुंचा जा सकता है। डॉ. अंबेडकर केवल पिछड़े व दलितों के ही उद्धार की ही बात नहीं कहते हैं। जो लोग ऐसा कहते हैं उनका दृष्टिकोण उनके जीवन के एक ही पक्ष को व्यक्त करता है। जबकि डॉ. अंबेडकर सबसे पीछे बैठे व्यक्ति जिसे पढ़ने का अवसर नहीं मिला है उसकी बात करते हैं। महिला व मजदूर पर भी उनका विशेष ध्यान रहा। माताओं के लिए मातृत्व अवकाश की बात कहने वाले डॉ. अंबेडकर पहले व्यक्ति रहे। बेटी को पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार मिले व महिलाओं को भी मताधिकार संविधान के माध्यम से उन्होंने करवाई। संविधान मेकिंग महिला भी बने ऐसा अधिकार दिलाया। कार्यक्रम का शुभारंभ परिषद् की परंपरा के अनुसार राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से किया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर, एडवोकेट बंशीलाल भाटी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हनुमान सिंह देवड़ा और मुख्य चिकित्सा अधिकारी,नागौर राजकुमार अग्रवाल ने बाबा साहेब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना हेमंत जोशी ने रखी और मंचस्थ महानुभावों का परिचय भी करवाया।कार्यक्रम में विभाग संघचालक हनुमान सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजकुमार अग्रवाल ने भी विचार प्रकट किए। धन्यवाद भारत विकास परिषद् के राजस्थान क्षेत्र के मंत्री (संपर्क) नृत्यगोपाल मित्तल ने प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन नागौर शाखा के सह सचिव और आकाशवाणी नागौर के सूत्रधार शरद कुमार जोशी ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

ये भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर बनवारी लाल अग्रवाल, देवेंद्र राज कल्ला, पूर्णिमा कात्याल, पुरुषोत्तम राजवंशी, रूद्रकुमार शर्मा, नंदकिशोर जांगीड़, गौरव भाटी, जितेंद्र बंशीवाल, जगदीश वैष्णव, घनश्याम फिड़ोदा, धर्मचंद शर्मा, डा. केवलचंद गौड़, आनंद अग्रवाल, सुभाष ललवाणी, चरण प्रकाश डागा, कैलाश सारड़ा, रामनिवास पालड़िया, विकास सोनी, रविप्रकाश सोनी, योगेश सरवाडिया, बालकिशन भाटी, भोजराज सारस्वत व खींवराज टाक सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अस्पताल में मरीजों को बांटे फल

संगोष्ठी से पूर्व पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय,नागौर के पुरुष और महिला सामान्य वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों को भारत विकास परिषद् शाखा नागौर द्वारा बाबा साहेब की 134 वीं जयंती के उपलक्ष्य में फल वितरण भी किया गया। सामाजिक समरसता सप्ताह के कार्यक्रमों की श्रृंखला में कल मंगलवार 15 अप्रैल 2025 को खत्रीपुरा स्थित स्वामी विवेकानंद संस्कार केंद्र में बाबा साहेब की जयंती के उपलक्ष्य में भैया बहिनों को पाठ्य सामग्री का वितरण किया जाएगा।