शाही लवाजमे से निकली गणगौर माता की सवारी, अनेक जगह भरे मेले

राजनीति

सुबह जस्सूसर गेट, शाम को जूनागढ़ के आगे तो रात को ढड्ढों के चौक में भरे गए गवरजा के मेले

बीकानेर // आगे आगे बैंड बाजा पीछे मोटर कार है रो मत गवरा, हरियाला ईशर साथ है.. जैसे विदाई गीतों के साथ आज शहर में अनेक जगह गवर माता की भोलावणी के मेले भरे गए। पिछले 18 दिनों से घरों में बाला गवर की पूजा अर्चना हो रही थी। ये आयोजन धूलंडी के दिन में घरों में शुरू हो गए थे। अलसुबह से ही युवतियां व महिलाएं अपने घर की चबूतरी व छत पर गणगौर पूजन कर रही थी। तीज के मौके पर गवर माता की विदाई का मेला भर गया। सुबह शहर के जस्सूर गेट पर पांरपरिक मेला भरा। ये मेला सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक लगातार जारी रहा। महिलाओं व युवतियों के झुण्ड जस्सूसर गेट पर देखे गए। खान पान की भी अनेक अस्थाई दुकानें व झूले लगे। युवतियां व महिलाएं गाजे बाजे के साथ गवर भोलाने के लिए पहुंची। उधर शाम को जूनागढ़ से शाही गणगौर की पूरे शाही लवाजमे के साथ सवारी निकाली गई। बैंड बाजों की धुन पर महिलाएं जमकर थिरकी। ऐसी मान्यता है कि गणगौर के आगे नृत्य करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। तदोपरांत भादाणी पुष्करणा समाज की गणगौर और शाही गणगौर जेसे ही आमने सामने हुई तो गणगौर का दौड मेला शुरू हो गया। भादाणी पुष्करणा समाज की महिलाएं शाही गणगौर के जूनागढ से बाहर आते ही अपनी अपनी गवरों को लेकर दौड लगाती हुई कोटगेट की तरफ भागी। गणगौर की ये दौड़ देखने लायक होती है।

ढड्‌ढों के चौक में भरा मेला

उधर चांदमल ढड्‌ढा की प्रसिद्ध गणगौर का मेला भी शहर के ढड्‌ढों के चौक में भरा गया। ये गवर सोने चांदी के जेवरात सहित हीरों के जेवर पहनती है। यहां भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। पूरा चौक महिलाओं से खचाखच भरा नजर आया। शाम गहराने से लेकर देर रात समाचार लिखे जाने तक यहां भारी भीड़ देखी गई। आस पास कई खान पान की अस्थाई दुकानें भी लगी। इस क्षेत्र में यातायात पूर्णतया बाधित रहा। उधर आसाणियों के चौक में बिस्सा परिवार की मशांपूर्ण गवरजा की झांकी निकाली गई। मुख्य चौक पर बड़े पाटों पर गवरजा को विराजित किया गया। ऐसी मान्यता है कि मंशापूर्ण माता के धागा बांधने व कान में अपनी मंशा जाहिर करने पर मां आशीर्वाद देती है तथा मनोकामना पूरी होती है। इसलिए महिलाएं कतारबद्ध होकर अपनी मंशा गवरजा माता के कान में कहती नजर आई। आयोजक दिलीप बिस्सा सहित उनकी टीम व्यवस्था में तैनात रही। यहां भी महिलाओं ने जमकर नृत्य किया।