



नागौर // नागौर शहर में विद्या भारती द्वारा संचालित शारदा बालिका निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय का अभिभावक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन विद्यालय के पूर्व छात्र एवं नागौर नगर परिषद के आयुक्त रामरतन चौधरी के मुख्य अतिथि में संपन्न किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आदर्श शिक्षण संस्थान के शहर व्यवस्थापक हेमंत जोशी रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया तत्पश्चात विद्यालय की बहनों ने सरस्वती वंदना देशभक्ति गीत सामूहिक गीत एकल गीत कविता आदि की प्रस्तुति दी गई।

विद्यालय की प्रधानाचार्य अरुण दहिया ने बताया कि अर्धवार्षिक परीक्षा में 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले भैया बहन तथा शहर शैक्षिक गतिविधियों में विद्यालय का नाम रोशन करने वाले ऐसे 150 भैया बहनों और अभिभावकों को इस सम्मेलन में अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर परिषद आयुक्त राम रतन चौधरी ने कहा कि बालकों को पढ़ाई के साथ-साथ शहर शैक्षिक गतिविधियों में भाग लेने पर बच्चों की मां स्थिति अच्छी रहती है और उनके अनुरूप बच्चे आगे बढ़ाने में है सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से अनुरोध किया कि अपने छोटे बच्चों को मोबाइल एवं इंटरनेट से दूर रखें तथा उनके विकल्प में जो भी बढ़ाया आती है उसको अभिभावक और शिक्षक मिलकर दूर करें खेलने की उम्र में बच्चों को मोबाइल देना ठीक नहीं उन्हें मैदान में खेलने के लिए प्रेरित करें ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
विद्या भारती शिक्षा के साथ देती है संस्कार: जोशी
मुख्य वक्ता हेमंत जोशी ने इस अवसर पर कहा कि विद्या भारती एक गैर सरकारी संगठन है इन विद्या मंदिरों में बच्चों को भारतीय शिक्षा और संस्कार दिए जाते हैं। बच्चों के लालन-पालन पर ध्यान देना अभिभावक का कर्तव्य होता है वैसे ही अभिभावक शिक्षा के प्रति भी जागरूक रहे । शिक्षा के साथ बौद्धिक विकास और संस्कारों का भी विकास करें । उन्होंने कहा कि समाज में आ रही नैतिक गिरावट भी शिक्षा का मूल कारण रहा है सही शिक्षा नहीं मिलने से समाज में नैतिक गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि जैसा आचरण अभिभावक करेंगे वैसा ही बच्चे उनका अनुसरण करेंगे बच्चे जैसा वातावरण देखेंगे वैसा ही करेंगे। जोशी ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में मां को पूजनीय माना गया है इसलिए मां बच्चे को अधिक समझ सकती है। मुख्य वक्ता ने बच्चों के विकास हेतु शारीरिक एवं आहार, शिक्षा एवं बौद्धिक संस्कार, एवं नैतिक शिक्षा आत्मविश्वास का विकास, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, स्वतंत्रता एवं स्वच्छता, रोल मॉडल की चर्चा, आदि विषयों पर अभिभावकों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य शीतल कंवर ने किया। विद्यालय की प्रधानाचार्य अरुणा दहिया ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया मंचासिन अतिथियों का परिचय और स्वागत संगीत प्रमुख मेघराज राव ने करवाया जबकि आचार्य प्रियंका पाठक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर शताब्दी विस्तारक रुद्रकुमार शर्मा पूर्व छात्र गौरव भाटी पूर्व छात्र भरत कुमावत, पूर्व छात्रा कुसुम जोशी, मातृ भारती की सावित्री शर्मा, विद्यालय प्रबंध समिति की संरक्षक दमयंती चौधरी, पर्यावरण प्रमुख सरिता जोशी, जिला सचिव रामसिंह राठौड़, चेनाराम भड़ोला, रामेश्वर जांगू, ललित सांखला, उच्च माध्यमिक भाग की प्रधानाचार्य कमला चारण सहित विद्यालय के सभी आचार्य बंधु भगिनी छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।



