एसपीए के विद्यार्थियों ने देखी बीकानेर की बारीक नक्काशी

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बीकानेर // स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर विश्वविद्यालय नई दिल्ली के पचास विद्यार्थियों ने चार दिनों तक बीकानेर की हवेलियों की बारीक नक्काशी का अवलोकन किया व उनकी ड्राइंग बनाई। इस दौरान इनका मार्गदर्शन बीकानेर की हवेलियों पर गहन शोध कर चुके इनटेक के सदस्य डॉ रीतेश व्यास ने किया। डॉ व्यास ने बताया कि चार दिनों तक रामपुरिया हवेलियों व इनके आस पास बनी इमारतों की बनावट और शैलियों पर इनका ध्यान केन्द्रित रहा। इन्होंने हवेलियों प्रत्येक कोने को बड़ी तल्लीनता से देखा और बार बार ये प्रश्न किय कि कैसे आज से सवा सौ साल पहले ऐसा बेहतरीन काम हो पाया। पत्थर पर हुई ऐसी नक्काशी इन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

डॉ व्यास ने राजपूत, मुगल व ब्रिटिश शैली के साथ-साथ उस्ता कला, मथेरण कला व चूनगर कलाकारों द्वारा बनाए चित्रों के भी कई उदाहरण दिखाए। डॉ व्यास ने राखेचा हवेली, आसानियों के चौक व गोलछा मौहल्ले की हवेलियों पर बने कई प्रतीको के बारे में बताया। इन्होंने भवंर निवास तथा बड़ा बाजार स्थित भंवर लाला सोनावत की हवेली का भीतर से भी अवलोकन किया। इनके साथ आए प्रो अतहर मंसूर, निशांत गौतम व सत्यकाम शाह ने भी बीकानेर के पत्थर पर किए गए बारीक काम को खूब सराहा।

उतरती हवेलियों पर जताई चिंता

उन्होंने डागा चौक व शहर के अन्य इलाकों की उतरती हवेलियों पर चिंता जाहिर की और इनको उतरने से बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की बात कही। इस दौरान इनकी सुनिल रामपुरिया, प्रो बी एल भादानी, हनीफ उस्ता व इनटेक बीकानेर चेप्टर के कन्वीनर पृथ्वीराज रतनू से भी मुलाकात व चर्चा हुई।