



प्रतिभाओं का सम्मान और समस्याओं के समाधान का आश्वासन
बीकानेर // विश्व लैब टेक्नीशियन दिवस के अवसर पर आज सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में एक गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और लैब टेक्नीशियन कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक जेठानंद व्यास रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती सुमन छाजेड़ (शहर भाजपा अध्यक्ष), मोहन सुराणा (भाजपा नेता), जितेंद्र चौधरी (प्रदेशाध्यक्ष, लैब टेक्नीशियन कर्मचारी संघ), डॉ. रेखा आचार्य (प्रधानाचार्य, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज), डॉ. बी.सी. घीया (सुपरिटेंडेंट, पीबीएम चिकित्सालय), डॉ. अनिल वर्मा, प्रकाश सारस्वत (लैब टेक्नीशियन), अब्दुल वाहिद (प्रधानाचार्य, नर्सिंग कॉलेज), डॉ. सुरेंद्र जीनगर (एचओडी, बायोकेमिस्ट्री) एवं किशन चौधरी (जिला मंत्री, भाजपा) उपस्थित रहे।
इनको किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही चिकित्सा सेवा में लंबे समय तक योगदान देने वाले वरिष्ठ सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियनों—जेठमल मारु, जेठमल व्यास, रामकिशन आसोपा, किशन गोपाल, रामलाल बाधानी, त्रिलोक सिंह तंवर, गुलाब सिंह गहलोत, चोर दास, तथा विनोद गोदारा—का विशेष सम्मान किया गया।
विधायक ने दिया उचित आश्वासन
मुख्य अतिथि विधायक जेठानंद व्यास ने अपने संबोधन में लैब टेक्नीशियन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें जयपुर में चिकित्सा मंत्री के समक्ष उठाकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बीकानेर में पैरामेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर भी सरकार से वार्ता कर सकारात्मक परिणाम लाने की बात कही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजकों—राजकुमार व्यास, जगदीश शर्मा, विनायक शंकर परिहार, इदरीश अहमद जोइया, राजेश राठी, रणजीत जोशी, अजय शर्मा, रमेश यादव, मनीष उपाध्याय, जितेंद्र गहलोत, श्रवण पंचारिया, गजेंद्र चारण, सुनील कुल्हरी, श्रीराम उपाध्याय, मुरारी पंचारिया एवं संतोष विश्नोई—की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
यह आयोजन न केवल लैब टेक्नीशियन समुदाय के योगदान को सम्मान देने का अवसर बना, बल्कि उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक पहल भी साबित हुआ।




