श्री कृष्ण रूकमणि विवाह एवं कंस वध के रसपूर्ण वर्णन को सुनकर श्रद्धालु हुए गदगद

धर्म-कर्म

शनिवार को होगी कथा की पूर्णाहूति

बीकानेर // सरला देवी पुरोहित (माँ) चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पुरूषोत्तम मास के पावन उपलक्ष्य में श्री गोपेश्वर विद्यापीठ सैकेंडरी स्कूल के पास आयोजित की जा रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को प्रसिद्ध भागवत वेत्ता पं. विजेंद्र व्यास द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण और भावुक प्रसंगों का अत्यंत सरल और मार्मिक वर्णन किया गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का गोकुल से मथुरा आगमन और अत्याचारी कंस का वध कर धर्म की स्थापना करने, ज्ञान और भक्ति के सुंदर समन्वय को दर्शाते उद्धव-गोपी संवाद एवं भगवान और भक्तों के दिव्य प्रेम की प्रतीक दिव्य रासलीला की मनभावन विवेचना सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गये। श्रीकृष्ण – रुक्मिणी विवाह के प्रसंग के मार्मिक विवेचन को सुनकर श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान वातावरण उत्सव जैसा बन गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी राजेश चूरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सरला देवी पुरोहित (माँ) चैरिटेबल ट्रस्ट के सेवादारों द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह, शाल और माला भेंट कर सम्मानित किया गया। राजेश चूरा ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत ग्रंथ मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है और इसमें सभी धर्मों के उत्थान व कल्याण का मूल मर्म छिपा हुआ है।

शनिवार को होगी भव्य पूर्रणाहूति

कथा के अंतिम दिन शनिवार को मित्रता की मिसाल पेश करने वाली भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा की कथा तथा राजा परीक्षित की मुक्ति और मोक्ष की कथा के साथ भागवत की दिव्य एवं भव्य पूर्रणाहूति होगी।