


5 दिन, 18 खेल, 12 मैदान… खेल प्रतिभाओं के सबसे बड़े मंच पर विजेताओं का सम्मान
संत सरजुदास महाराज बोले- खेल संस्कार और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा- बीकानेर खेलों की नई राजधानी बनने की ओर अग्रसर
बीकानेर। रानी बाजार स्थित रिद्धि-सिद्धि पैलेस सोमवार शाम उस समय खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों की तालियों से गूंज उठा, जब प्रदेश के सबसे बड़े खेल आयोजन ‘खेलो बीकानेर यूथ गेम्स 3.0’ का भव्य समापन समारोह आयोजित हुआ। पांच दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ में 18 खेलों की प्रतियोगिताओं में करीब 3000 खिलाड़ियों ने अपना दमखम दिखाया। शहर के 12 खेल मैदानों पर सुबह से देर रात तक चली प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेल भावना और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया।

समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

समारोह में राष्ट्रीय संत सरजुदास महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा सहित जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी.पी. पचीसिया, लॉट्स डेयरी के प्रबंध निदेशक अविनाश मोदी, सुनीत गांधी, गोभक्त देवकिशन देवश्री चांडक, साहित्यकार राजेन्द्र जोशी, उप जिला शिक्षा अधिकारी अनिल बोड़ा, राजकीय अभिभाषक राधेश्याम सेवग, रामरतन धारणिया, पिंटू राठी व मनोज सोलंकी सहित अनेक अतिथियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और स्वस्थ समाज की नींव हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर खेलों का सफल आयोजन बीकानेर के लिए गौरव का विषय है।
कार्यक्रम में मुख्य संयोजक रविन्द्र हर्ष ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की अवधारणा, उद्देश्य और पांच दिवसीय गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खेलो बीकानेर यूथ गेम्स का उद्देश्य गांव-ढाणी और शहर के हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मंच उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

इससे पूर्व भारतीय तीरंदाजी टीम के कोच अनिल जोशी ने प्रतियोगिताओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस वर्ष 1000 से अधिक खिलाड़ियों ने पहली बार किसी संगठित प्रतियोगिता में भाग लिया, जो खेलों के बढ़ते जनाधार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पांच दिनों तक सभी प्रतियोगिताएं अनुशासित और सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।
समारोह का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।
खेल से युवा अनुशासन सीखते हैं – विश्राम मीणा
मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा कि आज का युवा यदि खेल मैदान से जुड़ता है तो वह नशे, अपराध और नकारात्मक प्रवृत्तियों से स्वतः दूर रहता है। खेल युवाओं को अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि बीकानेर में इतने बड़े स्तर पर हजारों खिलाड़ियों की भागीदारी यह साबित करती है कि यहां खेलों के प्रति जबरदस्त उत्साह है। यदि इसी प्रकार निरंतर प्रयास किए जाएं तो आने वाले वर्षों में बीकानेर प्रदेश ही नहीं, देश के खेल मानचित्र पर एक मजबूत पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
जो मैदान में संघर्ष करता है वह जीवन मे होता है सफल- राष्ट्रीय संत सरजुदास महाराज
राष्ट्रीय संत सरजुदास महाराज ने कहा कि खेल शरीर को स्वस्थ, मन को संयमित और जीवन को अनुशासित बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जो युवा खेल मैदान में संघर्ष करना सीख लेता है, वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने खिलाड़ियों से जीत के साथ विनम्रता और हार के साथ धैर्य रखने का संदेश देते हुए कहा कि यही सच्ची खेल भावना है।
उद्योग जगत सदैव खिलाड़ियों के साथ रहेगा – डी.पी. पचीसिया
जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी.पी. पचीसिया ने कहा कि बीकानेर अब उद्योग, शिक्षा और संस्कृति के साथ-साथ खेलों में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए हमेशा सहयोग करेगा। ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
खिलाड़ियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान – अविनाश मोदी
लॉट्स डेयरी के प्रबंध निदेशक अविनाश मोदी ने कहा कि किसी भी शहर का भविष्य उसके युवाओं पर निर्भर करता है। खेल युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देते हैं और उन्हें अनुशासन, मेहनत तथा लक्ष्य के प्रति समर्पण सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है और ऐसे आयोजनों को निरंतर बढ़ावा मिलना चाहिए।
खेलों से होता है चरित्र का निर्माण – देवकिशन चांडक
गोभक्त देवकिशन देवश्री चांडक ने कहा कि खेल व्यक्ति के चरित्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ विचारों से ही स्वस्थ समाज का निर्माण होता है। उन्होंने आयोजन को सामाजिक समरसता और युवा शक्ति का उत्सव बताया।
कार्यक्रम में रामरतन धारणिया, विनोद बाफना, राजेश पारीक मनोज सोलंकी, पिंटू राठी, सुभाष जोशी सावन पारीक, विनोद गोयल, जार जिलाध्यक्ष प्रमोद आचार्य गिरिराज जोशी भंवर लाल व्यास विक्रम रंगा मार्कण्डेय पुरोहित सहित खेल, शिक्षा, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन समारोह के साथ ही ‘खेलो बीकानेर यूथ गेम्स 3.0’ का सफल अध्याय पूर्ण हुआ, लेकिन हजारों खिलाड़ियों के मन में अगले संस्करण के लिए नया उत्साह और नई उम्मीदें भी छोड़ गया। आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बीकानेर केवल संस्कृति और विरासत का शहर नहीं, बल्कि उभरती खेल प्रतिभाओं की भी मजबूत धरती है।



