




बीकानेर // ए ब्लॉक अंतोदय नगर में पिछले 15 दिनों से चल रहे यज्ञ का आज विधिवत पूर्णाहुति एवं कपिलेश्वर महादेव शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ समापन हुआ। आचार्य पंडित नथमल जी पुरोहित यज्ञाचार्य के सान्निध्य में शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:15 बजे शिव परिवार की स्थापना की गई।
इस अवसर पर सहयोगी पंडित तुलसीदास ओझा, पंडित अश्विनी जोशी एवं पंडित सुरेश पुरोहित ने पूजा, यज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा की विधियों में सहयोग प्रदान किया। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यज्ञाचार्य पंडित नथमल जी पुरोहित ने सभी भक्तजनों को स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए सनातन धर्म की जय का उद्घोष किया। उन्होंने बताया कि आज से यह शिव मंदिर “कपिलेश्वर महादेव मंदिर” के नाम से जाना जाएगा।
कार्यक्रम के सचिव मनोज व्यास ने बताया कि शिव परिवार की स्थापना एवं यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर भंडारे एवं महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया। उन्होंने बताया कि शिवबाड़ी लालमदेसर महादेव मंदिर से पूजनीय विमर्शानंद जी गिरिजी महाराज एवं श्श्री मठ रातड़िया धोरा के श याम जी महाराज की उपस्थिति में महादेव कपिलेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा, पूजा एवं अन्य धार्मिक विधियां संपन्न हुईं। संत-महात्माओं ने अंतोदय नगर के सभी सनातनी एवं भक्तजनों को आशीर्वाद प्रदान किया।
भगवताचार्य राजेंद्र जोशी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कालीचरण गुप्ता, मदन मोदी, बेजनाथ जी पारिक, नरसिंह राजपूत जगदीश उपाध्याय, मुकेश सोनी, राज कुमार व्यास एवं विशेष रूप से राहुल गुप्ता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवं समर्पण से यह धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
जोशी ने बताया कि यह यज्ञ 16 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक लगातार 15 दिनों तक चला। पूर्णाहुति के अवसर पर देवीशंकर जी व्यास सपरिवार, मनोज जी व्यास सपरिवार, मदन जी मोदी सपरिवार, कालीचरण गुप्ता सपरिवार, जगदीश जी उपाध्याय सपरिवार, दीनदयाल आचार्य सपरिवार सहित अनेक श्रद्धालुओं ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी।
कार्यक्रम के संयोजक श्री देवीशंकर व्यास ने बताया कि कल से कपिलेश्वर महादेव मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी जाएगी। मोहल्ले के निवासी एवं सभी श्रद्धालु मंदिर में आकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना एवं दर्शन कर सकेंगे।



