



गंगाशहर विकास मंच ने आयोजित किया समारोह, महापौर अनिल कल्ला व महावीर रांका ने रखी अपनी बात
बीकानेर // गंगाशहर विकास मंच के तत्वावधान में बीकानेर रियासत के 21वें शासक एवं गंगाशहर के संस्थापक महाराजा गंगासिंह की 147वीं जन्म जयंती डागा गेस्ट हाउस में समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में महाराजा गंगासिंह के दूरदर्शी व्यक्तित्व, ऐतिहासिक योगदान और जनकल्याणकारी कार्यों का स्मरण करते हुए गंगाशहर के समग्र विकास एवं नागरिक समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर अनिल कल्ला एवं उपमहापौर पंकज गहलोत थे। विशिष्ट अतिथियों में नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका, डागा ट्रस्ट के विमल डागा, जैन महासभा अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, विप्र फाउंडेशन के किशन जोशी, बंशीलाल तंवर एवं सोहनलाल नाई शामिल रहे। मुख्य वक्ता डॉ. चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली एवं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के व्याख्याता गोपाल व्यास थे।
गंगा सिंह के विकास की परिकल्पना को साकार करना सबका दायित्व- कल्ला
महापौर अनिल कल्ला ने कहा कि महाराजा गंगासिंह की विकास परिकल्पना को साकार करना सभी का दायित्व है। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को मिलकर समस्याएं चिह्नित कर उनके समाधान के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने गंगाशहर की बसावट एवं सुविधाओं के विकास में सेठ ईश्वरचंद्र चोपड़ा के योगदान को भी याद किया। उपमहापौर पंकज गहलोत ने कहा कि विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनसमस्याओं का समाधान दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किया जाएगा।
गंगा सिंह एक दूरदर्शी शासक थे – रांका
महावीर रांका ने महाराजा गंगासिंह को दूरदर्शी शासक बताते हुए उनके कार्यों को प्रेरणास्रोत बताया। डॉ. चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली ने शिक्षा, बालिका शिक्षा एवं गंगनहर के माध्यम से मरुभूमि के विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया। गोपाल व्यास ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, न्याय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं में किए गए सुधारों की जानकारी दी। अन्य वक्ताओं ने भी सर्वसमाज की सहभागिता से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
विकास के लिए उठाईं आठ प्रमुख मांगें
समारोह में गंगाशहर में नगर निगम का क्षेत्रीय कार्यालय पुनः शुरू करने, महाराजा गंगासिंह एवं सेठ ईश्वरचंद्र चोपड़ा की प्रतिमाएं स्थापित करने, नई सब्जी मंडी बनवाने, सफाई व्यवस्था सुधारने, नगर निगम एवं राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने, पार्क विकसित करने, सड़क-नालों एवं सोलर लाइट की व्यवस्था बेहतर बनाने तथा अतिक्रमण हटाने के बाद स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांगें उठाई गईं।
समारोह में किशन सोनी एवं सुधीर लुणावत द्वारा महाराजा गंगासिंह के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों, ग्रंथों, सिक्कों एवं प्रतीक चिह्नों की प्रदर्शनी लगाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। मनीष बाफना ने मंच के उद्देश्यों एवं कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। शिखरचंद डागा ने स्वागत किया तथा मनोज सेठिया ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनीष बाफना ने किया। आयोजन की सफलता में इंदरचंद गोलछा, नवरत्न बोथरा सहित मंच के कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।



