



बीकानेर। विद्यार्थियों में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नैतिक मूल्यों और नारी सम्मान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से पवनपुरी में एक अनूठी पहल की गई। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पवनपुरी दक्षिण विस्तार बीकानेर में ‘कन्या पूजन’ कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की 81 कन्याओं और 24 बटुकों का वैदिक रीति-रिवाज से तिलक लगाकर व रक्षासूत्र बांधकर विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद सभी बच्चों को कॉपी-पेन व शिक्षण सामग्री भेंट की गई और केसर मेवे की खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
किताबी ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य किरण पंचारिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं का आदर हमारी सदियों पुरानी परंपरा का मुख्य स्तंभ है। विद्यालयों में इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का प्रत्यक्ष अवसर मिलता है। उन्होंने रेखांकित किया कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनाएं और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाए। ऐसे प्रयास बालिकाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को प्रगाढ़ करते हैं।
परंपराओं के संरक्षण का अनूठा प्रयास
आयोजन प्रभारी रवि आचार्य ने बताया कि विद्यालय प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष इस प्रकार के आयोजन किए जाते हैं, ताकि बच्चों में बचपन से ही सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता के बीज बोए जा सकें। वहीं, सांस्कृतिक प्रभारी मुक्ता तैलंग ने बताया कि शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से बच्चों को कॉपी-पेन, कलर स्केच, कटर और पेंसिल जैसी उपयोगी वस्तुएं भेंट की गईं, जिससे बच्चों को शिक्षा के महत्व का भी बोध कराया जा सके।
बचपन से मिले सीख, तो बने सशक्त समाज
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करते हुए प्राचार्य रचना गुप्ता ने कहा कि शिक्षा और संस्कारों का यह समन्वय बालिकाओं के प्रति समानता का संदेश देता है। यदि बचपन से ही बच्चों के भीतर नैतिकता और आदरभाव के दीप जलाए जाएं, तो एक संवेदनशील समाज का निर्माण अपने आप हो जाता है।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज सेवी श्रीमती रामा मोदी ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में ऐसे संस्कारों को आत्मसात कर बच्चे आगे चलकर समाज में नारी सम्मान के सच्चे ध्वजवाहक बनते हैं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस मांगलिक और प्रेरक आयोजन में प्राचार्य रचना गुप्ता, मोहम्मद रमजान, सविता राव, संतोष पुनिया, किरण कंवर, पुष्पा जांगिड़, बसन्त कुमारी, मंजू धवल, मुक्ता तैलंग, रामा मोदी, रामकुमार कासनियां, अंजू, वनीश मेहता और रवि आचार्य सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



