राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में धन्वंतरि जयंती पर शुक्रवार को होगा पूजन

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बीकानेर। आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती शुक्रवार को मनाई जाएगी। गंगाशहर के राजस्थान प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में बीकानेर का एकमात्र भगवान धन्वंतरि का मंदिर है यहां पर सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच विधि भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना होगी।

प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के मंत्री बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि करीब पांच दशक पूर्व केंद्र के संस्थापक वैद्य महावीर प्रसाद शर्मा ने भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना शुरू की थी, जो आज भी लगातार जारी है। शुक्रवार को धन्वंतरि जयंती के अवसर पर सुबह 8 बजे पूजा अर्चना शुरू होगी। इस बार मुख्य यजमान के रूप में डीपीएस स्कूल के निदेशक भरत ठोलिया सपत्नीक पूजा अर्चना में बैठेंगे।वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा अर्चना कर सबके अच्छे स्वास्थ्य एवं खुशहाली की कामना की जाएगी।
बनवारी शर्मा ने बताया कि भगवान धन्वंतरि मंदिर में भगवान धन्वंतरि के किसी भी मिठाई का भोग अर्पित नहीं किया जाता है। मंत्री शर्मा के अनुसार परंपरा अनुसार यहां भगवान धन्वंतरि के पानी फल (सिंघाड़ा), केले और प्रकृति से जुड़े शुद्ध फल-फूलों का ही मुख्य भोग लगाया जाता है।

उन्होंने बताया कि भगवान धन्वंतरि के मंदिर में करीब दस ईंच आकार की अष्टधातु से निर्मित भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा विराजमान है। धनतेरस के दिन सुबह मंदिर में प्रतिमा का विधि विधान से पंचामृत, गंगाजल एवं विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से महाभिषेक कर मनमोहक श्रृंगार, पूजन कर महाआरती की जाएगी।