अपनी माटी की प्रतिभाओं की सफलता को किताब में संजोना बड़ा काम, युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है यूनिक बीकाणा

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हर्षों के चौक में हुआ वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद आचार्य का अभिनंदन, वक्ताओं ने कहा- पुस्तक प्रतिभाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों का महत्वपूर्ण दस्तावेज

बीकानेर। बीकानेर की प्रतिभाओं की सफलता की कहानियों को पुस्तक यूनिक बीकाणा में संजोने और इसके तीसरे अंक के विमोचन पर रविवार रात हर्षों के चौक में लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद आचार्य का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने पुस्तक को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी और उपयोगी बताया।

पूर्व राजकीय अभिभाषक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश हर्ष ने कहा कि अपनी माटी से जुड़े लोगों की प्रतिभाओं को पहचानकर उनकी सफलता की कहानी को पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करना बड़ा काम है। प्रमोद आचार्य इसके लिए बधाई के पात्र हैं। ऐसी पुस्तकें युवा पीढ़ी के नॉलेज बैंक को समृद्ध करती हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा अनिल बोड़ा ने कहा कि यूनिक बीकाणा केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि बीकानेर की प्रतिभाओं और उनके संघर्ष का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें शामिल सफलता की कहानियां युवाओं का मार्गदर्शन करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

वरिष्ठ उद्घोषक रविंद्र हर्ष ने कहा कि यूनिक बीकाणा एक ग्रंथ की तरह है, जिसे लोग संभालकर रखेंगे। पुस्तक में प्रकाशित सफलता की कहानियां जुनून और जज्बे के साथ आगे बढ़ने का सपना देखने वाले युवाओं के सपनों को साकार करने में सहायक साबित होंगी।

जिला एवं सत्र न्यायालय के लोक अभियोजक राधेश्याम सेवग ने कहा कि प्रमोद आचार्य की इससे पूर्व भी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनमें से एक पुस्तक का विमोचन पिछले वर्ष मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था।इस अवसर पर एडवोकेट श्री गोपाल हर्ष ,राजेंद्र व्यास, राजेंद्र हर्ष, मदन मोहन ,मन मोहन, विजय शंकर हर्ष सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।यूनिक बीकाणा का यह नया अंक भी पठनीय होने के साथ प्रेरणादायी है।