


बोलीं— संस्कृति, साहित्य और पर्यटन को मिलेगा नया मंच
बीकानेर // महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) में कुलाधिपति एवं राज्यपाल के निर्देशों पर स्थापित राजस्थानी अध्ययन केंद्र की संस्थापक निदेशक के रूप में डॉ. मेघना शर्मा की नियुक्ति की गई है। नियुक्ति के बाद उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति, परंपरा, साहित्य और लोककला के संरक्षण व संवर्धन के लिए विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही राजस्थानी भाषा पर शोध आधारित संवाद, साहित्यिक गोष्ठियां और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम भी नियमित रूप से होंगे। उन्होंने कहा कि आमजन, विशेषकर युवाओं में राजस्थानी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर इसे जन-जन से जोड़ना केंद्र की प्राथमिकता रहेगी।
डॉ. मेघना शर्मा इससे पहले विश्वविद्यालय में एसएफएस के तहत संचालित राजस्थानी पाठ्यक्रम की संस्थापक समन्वयक के रूप में लगातार चार सत्रों तक कार्य कर चुकी हैं। वर्तमान में वे विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष भी हैं।
नियुक्ति पर राजस्थानी मोट्यार परिषद की ओर से डॉ. मेघना शर्मा का शॉल, साफा, दुपट्टा और पौधा भेंटकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ. नमामी शंकर आचार्य, डॉ. गौरीशंकर प्रजापत, राम शर्मा, रविंद्र जाजड़ा, राजेश चौधरी, प्रशांत जैन, सुनील बिश्नोई और दीपक चौधरी सहित विधि, इतिहास एवं राजस्थानी विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे।



