नरपतराम को पीएचडी की उपाधि।आधुनिक हिंदी जीवनी साहित्य पर किया शोध।

शिक्षा

बीकानेर, 4 जुलाई।

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर ने शोधार्थी नरपतराम को पीएचडी की उपाधि प्रदान करने की स्वीकृति दे दी है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अनंतिम (प्रोविजनल) प्रमाण-पत्र के अनुसार उनका शोध विषय “हिंदी का जीवनी लेखन (सन 2000 के बाद साहित्यकारों पर केंद्रित जीवनी लेखन का विश्लेषण)” रहा।

यह शोधकार्य राजकीय डूंगर महाविद्यालय की हिंदी विभाग से सम्बद्ध प्रोफेसर ब्रजरतन जोशी के निर्देशन में पूर्ण किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा 2 जुलाई 2026 को शोध उपाधि को अनुमोदित किया गया तथा 3 जुलाई 2026 को अनंतिम प्रमाण-पत्र जारी किया गया।

शोध में वर्ष 2000 के बाद साहित्यकारों पर केंद्रित हिंदी जीवनी लेखन की प्रवृत्तियों, स्वरूप, विकास तथा आलोचनात्मक विश्लेषण का अध्ययन किया गया है। इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, साहित्यकारों तथा शुभचिंतकों ने नरपतराम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की कामना की।