PBM सुधार आंदोलन रंग लाया: 10 में से 9 मांगों पर बनी सहमति, मुआवजे पर 24 घंटे में होगा फैसला

प्रशासन

डॉ. बीडी कल्ला की मौजूदगी में प्रशासन से लंबी वार्ता; अनेक मांगे मानी

प्रमोद आचार्य

बीकानेर // पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस के ‘पीबीएम सुधारो जन आंदोलन एवं संघर्ष समिति’ के बैनर तले चल रहे धरने में सोमवार को बड़ी सफलता मिली। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के नेतृत्व में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता में 10 में से 9 प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। केवल चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित प्रसूताओं और मृतका के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर प्रशासन ने 24 घंटे का समय मांगा है।

संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने बैठक के दौरान राजस्थान सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से दूरभाष पर चर्चा की। इसके बाद आश्वासन दिया गया कि सरकार से विमर्श कर 24 घंटे के भीतर इस मांग पर अंतिम जवाब दिया जाएगा।

यह थी प्रमुख मांगे

समिति ने मांग रखी कि चिकित्सकीय लापरवाही से प्रभावित महिलाओं को 25-25 लाख रुपए तथा मृतका के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वार्ता में सीएम मूंधड़ा मेडिसिन विंग को तत्काल शुरू करने, वर्षों से तैयार जनाना (गायनिक) विंग का संचालन प्रारंभ करने, पीबीएम में हुए भ्रष्टाचार की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, अस्पताल की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, जीवनरक्षक दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, सीटी स्कैन, एमआरआई सहित सभी आवश्यक जांचों को समयबद्ध करने, बंद पड़े चिकित्सा उपकरण चालू कराने, चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों और परिजनों के साथ दुर्व्यवहार पर सख्ती से रोक लगाने जैसी मांगों पर सहमति बनी।

वार्ता में ये रहे मौजूद

बैठक में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, जिला कलक्टर निशांत जैन, एसडीएम राजेश नायक, एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा, पीबीएम अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। आंदोलनकारियों की ओर से डॉ. बीडी कल्ला, विधायक शिमला नायक, विधायक सुशीला डूडी, देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल, डॉ. प्रीति मेघवाल, लक्ष्मण कड़वासरा, राजेंद्र मूंड, सुमित कोचर, भंवर कूकणा, सीताराम नायक, राजेंद्र मेघवाल, पार्षद मनोज नायक सहित संघर्ष समिति और कांग्रेस के कई पदाधिकारी शामिल रहे।