खाद्य कारोबारियों ने हड़ताल के 5वें दिन किया सरकार की सदबुद्धि के लिए यज्ञ, दी आहूतियां

प्रशासन व्यापार

मंडी शुल्क की दरें घटाने व कृषक कल्याण शुल्क समाप्त करने की मांग पर चल रहा है इनका आंदोलन

बीकानेर // बीकानेर क्षेत्र के खाद्य व्यवसायी इन दिनों आंदोलनरत है। वे मंडी शुल्क की दरें घटाने व कृषक कल्याण शुल्क समाप्त करने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से हड़ताल पर है। इनमें श्री बीकानेर अनाज कमेटी, बीकानेर कच्ची आढ़त संघ, बीकानेर वूल ट्रेडर्स एसोसिएसन पूगल मंडी, बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएसन, बीकानेर ऑयल मिल एसोसिएसन, बीकानेर मूंगफली दाना मिल एसोसिएसन, बीकानेर ग्वार गम मिल एसोसिएसन एवं बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के सदस्यों ने मंडी शुल्क की दरें घटाने व कृषक कल्याण शुल्क समाप्त करने हेतु राज्य सरकार की सदबुद्धि हेतु मंडी प्रांगण के सचिव कार्यालय के आगे यज्ञ किया। इस दौरान खाद्य कारोबारियों ने इस सदबुद्धि यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ आहूतियां देकर सरकार को सदबुद्धि दिलाने के लिए प्रार्थना की। बाद में इन व्यापारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम का ज्ञापन अति. जिला कलक्टर प्रशासन रामावतार कुमावत व मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा।

प्रदेश दाल मिल महासंघ समिति राजस्थान के महासचिव जयकिशन अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल में लगाए गये कृषक कल्याण फीस तथा आम आदमी की दाल-रोटी दलहन व गेंहूं पर मंडी शुल्क को 1.60 प्रतिशत से 0.50 प्रतिशत करने व दुसरे राज्यों की उपज को राज्य में लाने पर लगाए जाने वाले मंडी शुल्क को पडौसी राज्यों गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली की तर्ज पर समाप्त करने तथा वर्षों से किराए पर चल रहे गोदामों का मालिकाना हक़ दिलवाने हेतु सरकार की सदबुद्धि हेतु यज्ञ किया गया था। राज्य सरकार द्वारा ऐसे करारोपण के कारण राजस्थान राज्य की सभी कृषि आधारित उद्योग पडौसी राज्यों के उद्योगों से प्रतिस्पर्द्धा में टिक नहीं पाते हैं तथा उद्योगों के साथ कार्यरत स्टाफ व मजदूरों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बीकानेर के सारे कारोबारी राजस्थान खाद्य पदार्थ संघ जयपुर के आव्हान पर राज्य में विभिन्न मांगों को रखते हुए 23 फरवरी से आज तक अपनी मीलें बंद करके बैठे हुए हैं मगर इसके बाद भी सरकार हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रही है।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर जयदयाल डूडी, रामदयाल सहारण, मांगेराम गोयल, भंवर गोरछिया, जुगल राठी, अशोक गहलोत, राजकुमार पचीसिया, प्रकाश सोनावत, हिमाशु थिरानी, विजय थिरानी, बृजमोहन अग्रवाल, उत्तम बांठिया, सीताराम जाखड़, नंदकिशोर राठी, मोतीलाल सेठिया, रामस्वरूप गोदारा, गोविंद पारीक व मंडी व मीलों के अनेक व्यापारी, मजदूर, दलाल, गाड़ीवाले व किसान उपस्थित हुए।