


विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित के निज निवास पर हुआ अनूठा आयोजन
बीकानेर // परशुराम जयंती के अवसर पर सर्व कामगार सेवा संघ और विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘सामाजिक समरसता संपर्क अभियान’ की शुरुआत की गई। इस अवसर पर संघ के प्रदेशाध्यक्ष व विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित के निवास पर भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना और आरती कर समाज में समरसता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर भंवर पुरोहित ने घर बुलाए गए वाल्मीकि समाज के दंपतियों के चरण पूजन करके समरसता का अनूठा संदेश दिया।

संघ के प्रदेश महामंत्री रामस्वरूप हर्ष ने बताया कि कार्यक्रम में रामचरित मानस के केवट प्रसंग से प्रेरणा लेते हुए वाल्मीकि समाज के जगदीश सोलंकी व उनकी पत्नी सरोज देवी तथा राजू वाल्मीकि व उनकी पत्नी का भंवर पुरोहित व उनकी पत्नी ने अपने घर के आंगन में चरण धोकर सम्मान किया। साथ ही उन्हें रामचरित मानस की पुस्तक भेंट की गई।
महापुरुषों को जाति में बांटना सनातन की परंपरा नहीं : भंवर पुरोहित
इस अवसर पर विप्र नेता भंवर पुरोहित ने कहा कि महापुरुषों को जाति और धर्म में बांटना सनातन परंपरा के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले, भगवान परशुराम, स्वामी केशवानंद और संत वाल्मीकि जैसे महापुरुष पूरे समाज के हैं, उन्हें किसी एक वर्ग तक सीमित करना उचित नहीं है।
ऐसे आयोजन से बढ़ेगी सामाजिक एकता : टेकचंद बरडिया
कार्यक्रम में संघ के विभाग संचालक टेकचंद बरड़िया ने कहा कि समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियां नुकसानदायक हैं और ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान आरएसएस के चम्पेश कुमार, उमेश व्यास, सहित उपस्थित लोगों को रामचरित मानस की प्रतियां भी वितरित की गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में विप्र फाउंडेशन की महिला जिला अध्यक्ष चंद्रकला आचार्य, सुभाष पुरोहित, कैलाश सारस्वत, मुरली पुरोहित, लक्ष्मण कुमावत, सुनील पारीक, जगदीश शर्मा, जितेंद्र सुथार, अशोक प्रजापत सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



