जीवन में आगे आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो

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जीवन दास महाराज की जयंती के अवसर पर युवाओं की गोष्ठी एवं प्रसादी का कार्यक्रम संपन्न।

नागौर // शहर में सुगनसिंह सर्किल पर स्थित शाहपुरा रामद्वारा में जीवनदास महाराज की जयंती के अवसर पर युवा शक्ति की गोष्टी का आयोजन रामद्वारा के महंत भागीरथराम शास्त्री के सानिध्य में किया गया।

गोष्टी के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक गिरधारी लाल रहे। उन्होंने इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहां की सर्वे भवंतु सुखिनः के माध्यम से सभी के सुख की कामना करने वाली यह भारतीय संस्कृति है। यह भोग की धरती नहीं है। संत महात्माओं के त्याग तप और वीर पुरुषों के बलिदानों की धरती है। उन्होंने कहा कि पराई स्त्री को माता के समान तथा पराये धन को मिट्टी के समान समझना यह भारतीय संस्कारों में रहा है। ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम ही था। हमारे इतिहास और संस्कृति पर गर्व करना हमने छोड़ दिया इसलिए बीच के कालखंड में हमें लगभग 1000 वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान विदेशियों द्वारा सांस्कृतिक परंपराओं को नष्ट करने का प्रयास भी किया गया इतिहास को विकृत करने का काम भी किया गया तथा इतिहास में यह गलत पढ़ा दिया गया कि वास्कोडिगामा ने भारत की खोज की जबकि ऐसा नहीं है। वास्कोडिगामा से पहले ही भारत था। अंग्रेजो ने संस्कृति व शिक्षा को नष्ट किया इसलिए अतीत को समझ कर श्रेष्ठ नागरिक के रूप में कार्य करना हम सब युवाओं की जिम्मेदारी है। समाज जीवन में हमारी महती भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने लवजिहाद धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी युवाओं का मार्गदर्शन किया। साथ ही पंच परिवर्तन के माध्यम से स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण की रक्षा, भारतीय शिक्षा और संस्कार, सामाजिक समरसता, आदि विषयों पर युवाओं से चर्चा की गई।

इस मौके पर राम द्वारा के महंत भागीरथ राम शास्त्री ने नैतिक शिक्षाऔर संस्कारों के साथ आगे बढ़कर देश, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति की रक्षा करने हेतु युवाओं को आह्वान किया गया। इस मौके पर रामद्वारा में प्रसादी की व्यवस्था भी की गई।

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री मेघराराज राव सामाजिक कार्यकर्ता हनुमानसिंह चारण रतनसिंह तंवर मुल्तानराम सहित रामद्वारा के संत महात्मा एवं युवा शक्ति तथा मातृ शक्ति उपस्थिति रही महंत ने आभार प्रकट किया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया । साथ ही जीवन में कुछ करना है तो मन को मारे मत बैठो । आदि गीत की पंक्तियों के साथ कार्यक्रम को प्रारंभ किया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर रामद्वारा में संचालित निशुल्क लाइब्रेरी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सहयोग किया।