पुष्करणा फागोत्सव में ख्याल रियाज व बैठी गैर का हुआ आयोजन

समाज

नागौर // होलकाअष्टमी से दशमी तिथि तक होली के दिन आयोजित होने वाले ङाङिया रास व गैर गायन का अभ्यास, गणेश मंदिर, लोढ़ा का चौंक में हुआ। ख्याल रियाज गैर प्राचीन समय में चली आ रही हैं,परम्परा व संस्कृति के संरक्षण व विकास के लिए आयोजित परम्परा गत रियाज बैठी गैर एक अभ्यास- सत्र जैसी है जिसमें समाज़ वरिष्ठ जन के सानिध्य व नेतृत्व में युवा वर्ग ङाङिया ख़्याल गायन व वाद्य यंत्रों का अभ्यास करते हैं जिससे की परम्परा निर्बाध रूप से चलती रहे।

पुष्करणा समाज़ केओमप्रकाश मूथा ने बताया कि समाज़ की परम्पराओं के निर्वहन व भावी पीढ़ी को परम्परा से अवगत कराते हुए बैठी गैर में ङाङिया रास महोत्सव में गाये जाने वाले ख्याल का रियाज गायन है।कार्यकारिणी सदस्य संजय कुमार व्यास ने बताया कि बैठी गैर में माँ शारदा व गणेश वदंना का गायन कर, परम्परागत ख्याल नणदी, दरजिया, शूवर,आई आई उनाला री रेण रे, नाचण रे, जिन्दवा लाल, भाभी, दानजी, जुलाबङा, कानिया भंवर, महाराजा थानै खम्मा,का सामुहिक लय ताल का गायन ढोल नगाङी के साथ किया गया।

ये रहे मौजूद

देर रात तक चली पुष्करणा फागोत्सव में आयोजित द्वितीय ख्याल रियाज गायन बैठी गैर में ओमप्रकाश मूथा, रमेश व्यास, ठाकुर दत व्यास, राजकुमार व्यास, धनश्याम जोशी, गोविन्द लाल मूथा, अंकित मूथा, रोहित व्यास, के ङी जोशी, गोपाल जोशी, भरत व्यास,ज्ञानेश्वर मूथा, सुनील व्यास, अखिलेश शर्मा,मनोहर व्यास, दुर्गा दत्त व्यास,रवीन्द्र बोङा,कैलाश व्यास, ललित आचार्य, वीरेन्द्र पुरोहित, विजय व्यास, राजेश मुथा,पिन्टू पुष्करणा,जगदीश बोहरा, बेणीगोपाल बोहरा, भवानी शंकर व्यास, हिमाशु व्यास,शिवशंकर व्यास,कृष्ण बोहरा, गिरीराज व्यास, नारायण बोहरा,मांगीलाल व्यास, नारायण पुरोहित, जितेन्द्र व्यास,सुशील जोशी,बाबूलाल सेन, नारायण बोहरा, देवेन्द्र व्यास,विनोद व्यास, मोहित व्यास,विवेक व्यास, सहित समाज़ बन्धुओं ने भाग लिया।

एकादशी पर फिर निकलेगी फक्कङ गैर

पुष्करणा होली फागोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में एकादशी पर विष्णु रूप फक्कङ गैर का आयोजन होगा। एकादशी को आयोजित फक्कङ गैर की जानकारी देते हुए समाज़ कार्य कारिणी सदस्य संजय कुमार व्यास ने बताया कि शिवरात्री को जहाँ शिवबरात में शिव रूप में फक्कङ गैर होती है वही एकादशी को आयोजित फक्कङ गैर भगवान का विष्णु रूप में निकलती है। नाहरसिंह भैरव व गणेश मन्दिर लोढ़ा का चौंक से गणेश वन्दना व राजा आज्ञा का गायन करती हुई शहर के मुख्य मार्ग व चौक में रेवता गायन करती जिन्देश्वर शिवमंदिर खाई गली पहुँचेगी,जहाँ शिव वन्दना का गायन करती हुई गैर बह्मपुरी ईल्लो जी को होरी की मीठी गार देगी। जहाँ श्रीमाली समाज़ की फक्कङ गैर का मिलन होगा। दोनो फक्कङ रम्मत व होरी का दोनो समाजों के गायको समवेत गायन एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा जिसे देखने के लिए शहरवासी उमङ पङते है । पीति वाङा में देर रात यह गैर समाज़ गैर का रूप ले लेगी जहाँ व्यास, पुरोहित, कोलाणी, आचार्य, जोशी, बोहरा सगे संबंधियों को होरी का गायन करती हुई गणेश मंदिर लोढ़ा का चौंक पहुंचेगी जहाँ “महाराज गजानंद फतेह करो” महाराजा की जय करों गायन के साथ समाज़ व नागौर की समृद्धि व विकास की कामना का गायन होगा ।