फसल खराबे के सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : डॉ. मंजू बाघमार

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नागौर // प्रदेश की सार्वजनिक निर्माण, महिला एवं बाल विकास तथा बाल अधिकारिता विभाग की राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने शुक्रवार को अपने नागौर प्रवास के दौरान स्थानीय सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक लेकर हाल ही में हुई बैमौसम बारिश से प्रभावित खरीफ फसलों के नुकसान की समीक्षा कारी। बैठक में उन्होंने राजस्व, कृषि एवं बीमा कंपनी के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मंत्री बाघमार ने कहा कि हाल की बैमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी व कटी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं और चारे का भी भारी नुकसान हुआ है। इन में मूंग, बाजरा व मोठ जैसी प्रमुख फसलों का उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल खराबे के आकलन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डॉ. बाघमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से धरातल पर जाकर वास्तविक स्थिति का सर्वे करें और सटीक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान के अनुपात में अधिकतम मुआवजा दिलाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। राज्य सरकार किसानों के इस संकट की घड़ी में पूरी तरह संवेदनशील है और हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य मंत्री ने उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार को निर्देश दिए कि फसल खराबे का सर्वे अति शीघ्र पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को आरआई और पटवारी के साथ खेतों का निरीक्षण कर वास्तविक नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को कहा। साथ ही किसानों को टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने एवं बीमा से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर जायल उपखण्ड अधिकारी रजत, तहसीलदार विजय बाजिया, डेह तहसीलदार तेजपाल पारीक, जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता जसवंत भाम्भू, कृषि विभाग के सहायक निदेशक डॉ. शंकरराम सियाग, विकास अधिकारी महावीरप्रसाद, नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी शिकेश कांकरिया, फसल बीमा कंपनी एआईसी के अक्षय तिवाड़ी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।