



बीकानेर के एक दर्जन मोहल्ले में भरा नृसिंह महोत्सव का मेला
बीकानेर // शहर के करीब एक दर्जन मोहल्ले में भगवान नृसिंह देव का मेला भरा। नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में शहर वासी भगवान नरसिंह देव की एक झलक पाने के लिए उतावले नजर आए। शाम 7:30 बजे के आसपास जैसे ही भगवान नृसिंहदेव पर प्रकटे तो सभी मोहल्ले में उनके जयकारे गूंज उठे। इस दौरान उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध कर भक्त प्रह्लाद को भय मुक्त कर दिया। बाद में मंदिरों में भगवान नरसिंह देव की आरती भी और भक्तों में पंचामृत व प्रसाद का वितरण किया गया। देर रात तक नृसिंह मंदिरों में अच्छी रौनक व चहल पहल रही।

यहां भरे गए मेले
शहर के लखोटियो का चौक, डागा चौक, लालाणी व्यासों का चौक, दमानी चौक, दुजारियों की गली, नत्थूसर गेट, जसोलाई तलाई, गोगा गेट सहित अनेक मोहल्लों में नृसिंह मंदिरों में ये मेला भरा गया।
पांव रखने की जगह नहीं मिली
शहर के लखोटियों का चौक, डागा चौक, लालाणी व्यासों का चौक व नत्थूसर गेट एरिया के मंदिरों में तो पांव रखने की जगह नहीं मिली। शाम 6 बजे से ही मेलार्थी आना शुरू हो गए। मंदिर व मकान के छत्तों पर बड़ी संख्या में महिलाएं में बच्चे खड़े नजर आए। मंदिरों के आसपास खान-पान के भी अस्थाई ठेले व दुकानें सजी। देर शाम मंदिरों में पंचामृत का भी वितरण किया गया।
लालाणी व्यासों के चौक में गोपाल बिस्सा नृसिंहदेव व शशांक व्यास बने हिरण्यकश्यप
बीकानेर के लालाणी व्यासों के चौक में आयोजित नर्सिंह महोत्सव में इस बार नृसिंहदेव का स्वरूप अंतर्राष्ट्रीय कलाकार गोपाल बिस्सा ने धारण किया। इसके साथ शशांक व्यास ने हिरनकश्यप की भूमिका निभाई। मेले के मुख्य आयोजक मास्टर रूप नारायण पुरोहित ने बताया कि यहां पर इस बार 51 वां मेला भरा गया। इस मेले की शुरुआत 1975 में हुई थी। इस चौक में स्थित नृसिंह मंदिर के पुजारी महेश पुरोहित चोरसा ने बताया कि रविवार सुबह से लेकर देर रात 9 बजे तक श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। यहां पर भक्तों को पंचामृत व प्रसाद वितरित किया गया।



