यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन का राष्ट्रीय सम्मेलन 11–12 अक्टूबर को बीकानेर में

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बीकानेर // बीकानेर के लक्ष्मी निवास पैलेस में यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन (UGPF) द्वारा 11–12 अक्टूबर को राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय है – “एचआर–सीएसआर ऑन सर्वे भवन्तु सुखिनः”, जिसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को आधुनिक ईएसजी (एनवायरमेंटल, सोशल, गवर्नेंस ) फ्रेमवर्क से जोड़ना है।

फाउंडेशन के निदेशक शक्ति सिंह बांदीकुई और प्रधान सलाहकार डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने बताया कि सम्मेलन में शिक्षा, सेवा, संस्कृति, पर्यावरण और सुशासन से जुड़े विषयों पर तकनीकी और वैचारिक सत्र होंगे।
श्री बांदीकुई ने बताया कि इस सम्मेलन में देश-विदेश से अनेक प्रतिष्ठित अतिथि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिनमें –पद्मश्री श्रीमती निवेदिता भिड़े, उपाध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, पद्मश्री डॉ. अगुस इन्द्र उदयाना, संस्थापक, गांधी आश्रम पुरी (इंडोनेशिया), डॉ. आर. बालासुब्रहमण्यम, सदस्य, एचआरसीबीसी, भारत सरकार, राजा बाबू सिंह, आईपीएस, एडीजी, मध्य प्रदेश पुलिस, प्रो. विनीता, निदेशक, आईआईएम बोधगया, डॉ. विनय रंजन, निदेशक (मानव संसाधन), कोल इंडिया लिमिटेड, ग्यानेश्वर कुमार सिंह, महानिदेशक व सीईओ, आईआईसीए नई दिल्ली प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, लगभग 40 नीति विशेषज्ञ, शिक्षाविद और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि इस दो दिवसीय आयोजन में भाग लेंगे।

फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल के नेतृत्व में यूजीपीएफ शिक्षा, सेवा, संस्कृति और सतत विकास के माध्यम से “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को आगे बढ़ा रहा है। शक्ति सिंह बांदीकुई ने बताया कि यूजीपीएफ ने अपने पहले वर्ष में विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

उन्ह9ने बताया कि 350 मेधावी विद्यार्थियों को आईएएस–आरएएस कोचिंग के लिए गोद लिया गया। इसी प्रकार 100 युवाओं को होटल इंडस्ट्री में रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के दौरान दस हज़ार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड होटल की ओर से दिया जा रहा है। इन युवाओं को तीन वर्षीय प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक युवा को पंद्रह हज़ार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से पाँच लाख चालीस हज़ार रुपए फ़ाउंडेशन की ओर से दिए जाकर स्किल इंडिया को गति दी जाएगी। शक्ति सिंह ने बताया कि फ़ाउंडेशन के सहयोगी संस्थान“धुन प्रोजेक्ट” के तहत 800 बीघा भूमि पर 3.5 लाख पौधे लगाए गए है। छात्रवृत्तियों और सामाजिक योजनाओं के माध्यम से ₹4 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई। उन्होंने बताया कि जयपुर और दिल्ली में आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। मेधावी और प्रतिभावान खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पहुँचने के लिए सहयोग। नरेगा में मजदूरी करने वाले युवा अशोक सिंह गणेश्वर ने फाउंडेशन की मदद से ग्रीस में तिरंगा फहराया है। शक्ति सिंह बांदीकुई ने बताया कि वर्तमान में फाउंडेशन के पास देशभर में 660 से अधिक सक्रिय स्वयंसेवक हैं, जो विभिन्न परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर संचालित कर रहे हैं।