




दंत चिकित्सक डॉ. राजीव नारायण पुरोहित धारण करेंगे नृसिंह स्वरूप
1975 में शुरू हुए मेले की तैयारियां तेज, चौक में होगी भव्य सजावट और श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण
बीकानेर के लालाणी व्यासों के चौक में इस बार नृसिंह महोत्सव कुछ अलग ही अंदाज में नजर आने वाला है। वर्षों से चली आ रही आस्था की इस परंपरा में पहली बार विज्ञान और धर्म का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। पीबीएम हॉस्पिटल में पिछले 10 वर्षों से सेवाएं दे रहे दंत चिकित्सक डॉ. राजीव नारायण पुरोहित इस बार नृसिंह स्वरूप धारण कर मंचन करेंगे, जो इस आयोजन को और भी खास बना देगा।

यह मेला वर्ष 1975 में मास्टर रूपनारायण पुरोहित द्वारा शुरू किया गया था, जो पिछले 52 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। हर साल नरसिंह चतुर्दशी पर लगने वाला यह मेला श्रद्धा और उत्साह का केंद्र रहता है, लेकिन इस बार इसकी विशेषता इसे और भी यादगार बनाने वाली है।

मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। चौक में विशेष सजावट की जा रही है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आएगा। पहली बार किसी डॉक्टर द्वारा नृसिंह अवतार का मंचन किया जाना लोगों के बीच खास चर्चा का विषय बना हुआ है।
डॉ. राजीव नारायण पुरोहित एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते हैं। वे जाने-माने अधिवक्ता स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण पुरोहित और श्री नारायण पुरोहित के खानदान से हैं।
बरसो पुरानी इच्छा अब होगी पूरी
डॉ राजीव नारायण पुरोहित ने बताया कि उनकी भगवान नृसिंह में शुरू से आस्था है। लालाणी व्यासों के चौक में उनका ननिहाल है। उनके नाना स्व हरिनारायण व्यास भी नृसिंह स्वरूप धारण कर चुके थे। बचपन से ऐसा सुनता आ रहा हु। बचपन से मेला भी देखता आ रहा हु। ऐसे में मन मे कही था कि एक रोज मैं भी नृसिंह स्वरूप धारण करूंगा। इस बार 30 अप्रेल को भरने वाले मेले में ये इच्छा पूरी होने जा रही हैं।
2011 में बना था यहां मन्दिर
मेला कमेटी से जुड़े राजनारायण पुरोहित ने बताया कि उनके पिताजी मास्टर रूपनारायण पुरोहित ने 1975 में यहां पर बिना मंदिर के ही मेला शुरू कर दिया था उनके भक्ति एवं निष्ठा के दम पर 2011 में उनके परिवार ने ही यहां पर मंदिर बनाया। अब इसी मंदिर से नरसिंह अवतार होता है।
मेले की सभी तैयारियां पूरी
एडवोकेट ललित नारायण पुरोहित ने बताया कि मेले को लेकर सारी तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल गुरुवार की शाम 6:00 बजे सबसे पहले भक्त प्रहलाद के रूप में अनमोल व्यास को मंच पर लाया जाएगा। उसके ठीक बाद हिरणाकश्यप के रूप में विवेक व्यास को मंदिर से तैयार का निकाला जाएगा। सबसे अंत मे नृसिंह अवतार का मंचन होगा। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबंधित पीबीएम हॉस्पिटल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ राजीव नारायण पुरोहित इस बार नृसिंह अवतार का स्वरूप धारण करेंगे। भगवान नृसिंहदेव के प्रकट होने के बाद भगवान नृसिंह प्रतीकात्मक रूप से हिरण्यकश्यपकश का वध करेंगे। शाम गहराने के बाद आरती होगी और उसके बाद पंचामृत व प्रसाद का वितरण किया जाएगा।



