



कवियों ने खूब जमाया रंग, तालिया से गूंजता रहा रिद्धि सिद्धि भवन
बीकानेर // बीती रात रिद्धि सिद्धि भवन तालियों से गूंजता रहा। हर लाइन के बाद कवियों को दाद मिलती रही। देशभक्ति की कविताओं से जोश से सराबोर माहौल का यह सारा नजारा था रिद्धि सिद्धि भवन में नगर स्थापना दिवस आयोजन समिति द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का। मेरा शहर मेरा गौरव आयोजन के पहले दिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कविताओं के माध्यम से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके कवियों ने बीकानेर शहर के 538 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कभी सम्मेलन में अपनी रचनाओं से सभी को रोमांचित कर दिया। एक से बढ़कर एक कविताओं से सभागार में बैठा प्रत्येक दर्शक उत्साह से लबरेज दिखाई दे रहा था।

कवि सम्मेलन का आगाज कवि कुशल कुशलेंद्र अपनी विशिष्ट अंदाज में कविता पाठ से किया। उन्होंने देश को किस तरह से एकता के स्वरूप में जोड़ा जा सकता है उन भावों को अपने शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया। साथ उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से सनातन संस्कृति और भाईचारे को भी केंद्रित करते हुए दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। दिल्ली से आई कवियत्री मन्नू वैशाली ने सरस्वती वंदना के साथ अपनी कलम का लोहा मनवाया। साथ ही उन्होंने भगवान श्री कृष्णा और रामायण और महाभारत के छंदों को भी अपने अंदाज में प्रस्तुत करके कवि सम्मेलन में एक नया वातावरण बनाया उनका गीत गांव में रहने वाले लोगों के जीवन को दर्शाता हुआ जब प्रस्तुत किया गया तो हर कोई उसके साथ लय से ताल मिलाने लगा। मध्य प्रदेश से आए कवि अमन अक्षर ने अपने प्रसिद्ध गीत जो भगवान राम को समर्पित था अपनी भावनात्मक शैली में इतनी खूबसूरती से प्रस्तुत किया कि हर कोई रचना का दीवाना हो गया। उन्होंने प्रेम और विरह के गीतों को भी सुन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इसके बाद देश के प्रसिद्ध हास्य कवि संपत सरल ने अपने गद्य रूप में प्रस्तुत कविताओं को हर किसी के दिल में उतार दिया। साथ ही उन्होंने वर्तमान परिपेक्ष के साथ-साथ भविष्य में भारत इस तरह से बेहतर स्थिति में होगा उसे पर भी अपनी कविता को प्रस्तुत किया। संपत सरल ने दर्शकों के डिमांड पर भी अपनी कुछ प्रसिद्ध रचनाओं की प्रस्तुति दी।

इन्होंने किया कवियों का सम्मान
इससे पहले कवियों का स्थापना दिवस समिति की ओर से जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पच्चीसिया, सुरेंद्र कुमार जैन, सुनीलम पुरोहित, विनोद गोयल, विकास हर्ष, कुशाल पारीक, बसंत नौलखा, रमेश अग्रवाल, स्वाति पारीक, पूजा ओझा ने कवियों का स्वागत किया। समिति की और से सभी सहयोगियों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
इन्होंने किया संबोधित
स्वागत उद्बोधन में डी पी पचीसिया ने बीकानेर के सांस्कृतिक विकास की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रविंद्र हर्ष और ज्योति प्रकाश रंगा ने किया। सभी का आभार विनोद गोयल ने ज्ञापित किया। संयोजक ज्योति प्रकाश रंगा ने बताया कि कवि संपत सदन ने बीकानेर के साहित्यकारों के योगदान पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की छोटी काशी बीकानेर की वरिष्ठ कवियों ने देश भर में जो अपनी कविताओं का लोहा बनवाया वह हम सभी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि यह शहर कल और साहित्य का प्रतिनिधि शहर है जिसमें देखने की असीम संभावनाएं हैं।
रंगोली से आज सजेगा शहर
संयोजक अनिल जोशी ने बताया कि नगर स्थापना दिवस समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत मंगलवार सुबह 6:30 बजे बीकानेर के ऐतिहासिक स्थलों और परकोटे के अंदर लक्ष्मीनाथ मंदिर भंडाशाह जैन मंदिर ,जसुसर गेट, विश्वकर्मा चौराहा, सहित जूनागढ़ के सामने सूरसागर के पास, शहीद स्मारक, कोचरों का चौक सहित अन्य स्थानों पर बीकानेर के 100 से अधिक कलाकार रंगोली बनाएंगे। पूरे शहर को रंगोली से सजाया जाएगा।



