



पंडित जेएलएन अस्पताल में लगा विशेष हैल्थ स्क्रीनिंग शिविर
नागौर // विश्व हेपेटाइटस डे पर जिले के राजकीय चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां हुईं। स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटस बी एवं सी से बचाने के लिए गत 19 जुलाई से शुरू किया गया टीकाकरण अभियान हेपेटाइटस डे पर सोमवार को भी जारी रहा।
नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड हेपेटाइटस डे पर भी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में आमजन की हैल्थ स्क्रीनिंग के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया गया।
पंडित जेएलएन अस्पताल में सोमवार को वर्ल्ड हेपेटाइटस डे पर विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अशोक झाड़वाल ने हेपेटाइटस बी व सी के संभावित 106 रोगियों की हैल्थ स्क्रीनिंग की गई। विश्व हेपेटाइटस डे पर पंडित जेएलएन अस्पताल में आयोजित इस गतिविधि की जिला स्तर से एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सोनी तथा एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान ने मॉनिटरिंग भी की।
वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अशोक झाड़वाल ने बताया कि 19 जुलाई से लेकर हेपेटाइटस डे यानी सोमवार तक जिला मुख्यालय पर कुल 143 स्वास्थ्य कर्मियों को हेपेटाइटस बी से बचाव को लेकर टीके लगाए गए। प्रत्येक चिकित्सा कर्मी को हेपेटाइटिस-बी की तीन डोज लगाई जाएगी। यह टीकाकरण अभियान नेशनल वायरन हेपेटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम के तहत संचालित किया जा रहा है। इसके साथ-साथ इस रोग से बचाव को लेकर आमजन में जागरूकता लाने का काम भी जारी है। डॉ. झाड़वाल ने बताया कि हेपेटाइटस बी व सी के रोगियों में वायरल लोड की जांच अब राजकीय जिला अस्पताल में निशुल्क हो सकेगी। यह जांच ट्रू नॉट मशीन के जरिए होगी। वायरल लोड की जांच का कार्य सोमवार का शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटस बी व सी के रोगियों में वायरल लोड की जांच के लिए प्रत्येक सप्ताह का शुक्रवार तय किया गया है।
ऐसे होता है हेपेटाइटस बी
आरसीएचओ डॉ महेश वर्मा ने बताया कि यह टीकाकरण स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। हेपेटाइटिस बी एक संक्रामक रोग है, जो सुई चुभने से, संक्रमित रक्त या अन्य शरीर द्रव्यों के संपर्क में आने से फैलता है। चूंकि स्वास्थ्य कर्मी इस खतरे से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होते हैं। इसलिए यह टीकाकरण उनकी सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। चिकित्सा कर्मियों को अभियान के तहत तीन खुराकें निर्धारित समय पर दी जाएगी। हेपेटाइटिस टीकाकरण के साथ साथ स्वास्थ्य कर्मियों को इसके लक्षण, रोकथाम, परीक्षण व उपचार की भी जानकारी दी जा रही है। यह पहल स्वास्थ्य विभाग की रोग नियंत्रण और कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



