ऋषिकेश के घाट पर पंडित नथमल पुरोहित के सानिध्य में बीकानेर के 150 लोग कर रहे तर्पण

धर्म-कर्म

प्रतिदिन सुबह गंगा किनारे एक घंटे तर्पण के बाद महादेव का जलाभिषेक, 10 अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम

ऋषिकेश। श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों की स्मृति में तर्पण का विशेष महत्व है। इसी परंपरा के तहत बीकानेर से करीब 150 लोग हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा पर हैं। सभी ऋषिकेश स्थित गीता आश्रम में ठहरे हुए हैं और कर्मकांडी भास्कर आचार्य पंडित नथमल पुरोहित के सानिध्य में प्रतिदिन गंगा किनारे तर्पण कर रहे हैं।

महेश कुमार आचार्य सरपंच ने बताया कि सुबह 7 से 8 बजे तक गंगा के पवित्र जल में आधा शरीर डुबोकर दिवंगत पूर्वजों की स्मृति में तर्पण की पूरी प्रक्रिया की जाती है। इसके बाद सुबह 8 से 11 बजे तक गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक किया जाता है। जलाभिषेक के बाद आरती कर सभी श्रद्धालु गीता आश्रम लौटते हैं।

उन्होंने बताया कि तर्पण और धार्मिक अनुष्ठानों का यह क्रम 10 अक्टूबर तक चलेगा। मंगलवार को पूर्वजों की स्मृति में विशेष यज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु आहुतियां देंगे। इसके बाद हिमाद्रि संकल्प की प्रक्रिया होगी। उन्होंने बताया कि अमावस्या के दिन विशेष यज्ञ के साथ तर्पण कार्यक्रम की पूर्णाहुति की जाएगी। इसके बाद सभी 150 श्रद्धालु बीकानेर लौटेंगे।

तर्पण कार्यक्रम में बीकानेर से गणेश दास आचार्य, पुखराज सोलंकी, संतोष सेवग, सत्यनारायण आचार्य, बसंत कुमार, नरसिंह सोनी, बलभेष व्यास, विष्णु पुरोहित, बाबू पुरोहित, ओम प्रकाश जोशी सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हैं।