


जिले को विश्व स्तरीय पहचान दिलाता है श्री रामदेव पशु मेला – कलक्टर

नागौर // श्री रामदेव पशु मेले का शुभारंभ गुरुवार को झंडारोहण के साथ किया गया। जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने झंडारोहण किया और राष्ट्रगान के बाद मेले की विधिवत शुरूआत की गई। मेले के शुभारम्भ के अवसर पर जिला कलक्टर ने कार्यक्रम में मौजूद पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि रामदेव पशु मेला नागौर जिले को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने का उचित माध्यम है। उन्होने कहा कि नागौर के बैलों की प्रसिद्धि विश्वभर में है। श्री रामदेव पशु मेला नागौर को न केवल राजस्थान बल्कि समूचे देश में एक अलग पहचान दिलाता है। इस दौरान उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मेले में पशुपालक राज्य के दूसरे जिलों सहित अन्य राज्यों से भी आते हैं, उन्हें सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। साथ ही बाहर से आए पशुपालकों का पूरा सहयोग किया जाएं, ताकि उन्हें कोई परेशानी ना हो।
जिला कलक्टर पुरोहित ने संबोधित करते हुए कहा कि मेले के माध्यम से पशुपालको को विभाग की विभिन्न योजनाओं का फायदा मिलेगा।
इस प्रकार पशु मेले के उद्घाटन अवसर पर पर्यावरण प्रेमी पद्मश्री हिम्मताराम भाम्बू ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान के लिए पशुपालन आर्थिक मजबूती का आधार है तथा वर्तमान समय में बाजारु खाद्य सामग्री से युवा कमजोर हो रहे हैं। इसलिए उन्होंने सभी से प्रत्येक घर में कम से कम एक पशु रखने तथा बेसहारा पशुओं के लिए संवेदनशील होने की बात कही।
इससे पूर्व पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. महेश कुमार मीणा ने आगन्तुक अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले की विस्तृत रुपरेखा प्रस्तुत की और पशुपालको को मेले संबंधी जानकारी दी। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मंच संचालन मो. शरीफ छींपा ने किया।
ये रहे मौजूद
पशु मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस, नगर परिषद सभापति मीतू बोथरा, पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश सेन, उपखण्ड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर, प्रेमसुख जाजड़ा, समाजसेवी कृपाराम देवड़ा एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



