


लोढ़ा के निवास पर गया जय जाप का कलश
नागौर // आचार्य सम्राट जयमल महाराज की 318वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में त्रिदिवसीय जय जाप अनुष्ठान एवं सामूहिक अट्ठम तप का आयोजन किया गया। जैन समणी डॉ. सुयशनिधि ने कहा कि आचार्य जयमल महाराज का जीवन अभय दान, शील, तप और भावना के प्रति मूरत था। उनके आदर्श जीवन जीने की कला जन जन तक पहुंचे इस लक्ष्य से जयगच्छाधिपति आचार्य प्रवर पार्श्वचंद्र महाराज के आशीर्वाद से संपूर्ण भारत वर्ष में अट्ठम तप का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में नागौर की पुण्य धरा पर समणी वृंद के सान्निध्य में लगभग 125 अट्ठम तप हुए। छत्तीस घंटों तक लगातार महाचमत्कारीक जय जाप अनुष्ठान से अभिमंत्रित रजत कलश को शनिवार सुबह 7 बजे समणी वृंद व संघ के पदाधिकारी और सदस्यगण लाभार्थी परिवार मनमोहनमल, गौतमचंद लोढ़ा के निवास स्थान पर मंगल गीतों के साथ ले गए। यहां पर समणी डॉ. सुयशनिधि ने मगंल-पाठ सुनाया और गुरुदेव डॉ. पदमचंद्र महाराज का धर्म संदेश फरमाया। लोढ़ा परिवार ने संघ की अनुमोदना की और प्रभावना का लाभ भी लिया।

चौरड़िया परिवार का किया सम्मान
इसके बाद अट्ठम तप के तपस्वियों का सामूहिक शाही पारणा कार्यक्रम किसान छात्रावास में आयोजित हुआ। नेमीचंद, नरेंद्र कुमार, नवनीत, नितेश, नमन चौरड़िया परिवार ने शाही पारणा का लाभ लिया। चौरड़िया परिवार ने अट्टम तप के तपस्वियों का बहुमान भी किया और अप्रतिम भावना से सभी का सहर्ष पारणा करवाया। संघ के सदस्यों ने व्यवस्था में सहयोग प्रदान किया। चौरड़िया परिवार का श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ द्वारा सम्मान किया गया। उमराव देवी मोदी, संपतमल दुग्गड़, किशोरचंद पारख परिवार ने तपस्वियों की प्रभावना का लाभ लिया। संघ मंत्री हरकचंद ललवाणी ने बताया कि रविवार को ओसवाल न्यात की पोल में जय संघीय परिवारों के साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन होगा। कार्यक्रम में महावीरचंद भूरट, प्रकाशचंद बोहरा, किशोरचंद ललवाणी, ललित सुराणा, शांतिलाल भूरट, प्रकाशचंद ललवाणी, हरकचंद ललवाणी आदि मौजूद रहे।



