फन्ना बाबू का जाना एक सशक्त स्तंभ के मौन होने जैसा : पचीसिया

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बीकानेर जिला उद्योग संघ में आयोजित हुई शोक सभा

बीकानेर // बीकानेर जिला उद्योग संघ में प्रमुख व्यवसायी स्वर्गीय शिवरतन अग्रवाल ‘फन्ना बाबू’ की स्मृति में शोक सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि फन्ना बाबू का देवलोक गमन उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि फन्ना बाबू लोगों के बीच रहकर उनके लिए जीते थे और जरूरतमंदों की सहायता करना उनके लिए औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वभाव था। उन्होंने आगे कहा कि फन्ना बाबू का निधन केवल एक उद्योगपति का जाना नहीं है, बल्कि यह बीकानेर की औद्योगिक और सामाजिक चेतना के एक सशक्त स्तंभ के मौन हो जाने जैसा है।

वरिष्ठ उद्योगपति कन्हैयालाल बोथरा ने कहा कि फन्ना बाबू उन विरले व्यक्तियों में थे, जिनकी पहचान पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके सहज व्यवहार, सरलता और हर समय साथ खड़े रहने की प्रवृत्ति से होती थी।

बीकानेर दाल मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकिशन अग्रवाल ने बताया कि ऊंचाइयों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े रहना उनके जीवन का सबसे बड़ा परिचय था। शोक सभा के पश्चात सभी उद्यमियों ने फन्ना बाबू के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर नरेश मित्तल, अशोक सुराणा, श्यामसुंदर सोनी, जिला उद्योग संघ के विद्युतीय सलाहकार भूपेंद्र भारद्वाज, विमल चौरड़िया, राकेश गहलोत, रामकिशन राठी, अशोक गहलोत, राजकुमार पचीसिया, किशनलाल बोथरा, विजय चांडक, अश्विनी पचीसिया, किरण मूंधड़ा, प्रकाश सोनावत, चंद्रमोहन गर्ग, कुलदीप बोथरा, परवेश गोयल, हेमंत महनोत, उमेश बजाज, अंकित यादव, रणजीत सेठिया, प्रमोद गहलोत, दिलीप रंगा, राजाराम सारडा, मनोज सेठिया, पीयूष सिंघवी, श्रीकांत भंसाली, विनोद जोशी, मांगीलाल सुथार, पवन पचीसिया, पिंटू राठी, अरविंद चौधरी, विपिन मुसरफ, मनमोहन गहलोत, पवन अग्रवाल, विकास अग्रवाल, संदीप बाहेती, मनीष पचीसिया, प्रतीक अग्रवाल, कुशाल दुग्गड़, मोहन सिंह राजपुरोहित, अशोक वासवानी, शुभम लड्ढा सहित अनेक उद्यमी उपस्थित रहे।