



अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत (चंपावत गुट) की ओर से प्रदेश महामंत्री जगेश्वर शर्मा ने बैठक में महासंघ का पक्ष रखा
जयपुर // राज्य के लगभग 9 लाख कर्मचारियों एवं 5 लाख पेंशनर्स की स्वास्थ्य सुरक्षा के उद्देश्य से संचालित राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना RGHS में पिछले दो माह से निजी अस्पतालों द्वारा डॉक्टरी परामर्श, ओपीडी सेवाएं तथा अधिकृत फार्मेसियों द्वारा दवाइयां उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति को लेकर कर्मचारी महासंघों द्वारा दिए गए ज्ञापन एवं विरोध प्रदर्शनों के बाद आज शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़, वित्त सचिव वैभव गैलरिया सहित स्वास्थ्य एवं वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत (चंपावत गुट) की ओर से प्रदेश महामंत्री जगेश्वर शर्मा ने बैठक में महासंघ का पक्ष रखा। महासंघ के प्रदेश महामंत्री जगेश्वर शर्मा ने कहा कि राज्य के 14 लाख कर्मचारी, पेंशनर्स एवं उनके परिवारों से जुड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा सेवा अत्यंत संवेदनशील विषय है। सरकार को चाहिए कि वह योजना के सफल संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करे तथा अस्पतालों, डॉक्टरों, फार्मेसियों अथवा अन्य स्तरों पर हुई अनियमितताओं एवं घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय RGHS योजना को समाप्त कर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा निजी बीमा कंपनियों के हाथों में सौंपना कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के हितों के साथ न्याय नहीं होगा। बैठक में महासंघ द्वारा इस प्रस्ताव का तर्कपूर्ण एवं स्पष्ट विरोध दर्ज कराया गया।
महासंघ के संयुक्त मंत्री हरीश प्रजापत एवं शंभू सिंह राठौड़ ने बताया कि जगेश्वर शर्मा ने सरकार को अवगत कराया कि निजी बीमा मॉडल कर्मचारियों एवं पेंशनर्स की दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए उचित विकल्प नहीं है। यदि सरकार इस दिशा में कोई निर्णय लेती है तो महासंघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।
जलदाय विभाग तकनीकी प्रदेशाध्यक्ष रमेश उपाध्याय ने कहा कि RGHS जैसी जनहितकारी योजना को निजी हाथों में देना सरकार की मूल भावना “गुड गवर्नेंस” के विपरीत होगा तथा इससे सरकार की सकारात्मक छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत (चंपावत गुट) ने राज्य सरकार से मांग की है कि RGHS योजना में आ रही सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं का शीघ्र समाधान कर कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के हित में योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।



