


बीकानेर से बुल पावर एनर्जी के एमडी डॉ शरद दत्ता आचार्य भी रहे शामिल
नई दिल्ली // देश के सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों एवं उद्यमियों ने आज नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के समक्ष शांतिपूर्ण, संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने हेतु एकत्रित होकर महत्वपूर्ण संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर सोलर संगठन तथा बीकानेर एसोसिएशन ऑफ सोलर एनर्जी (BASE) के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय पहुंचकर सौर उद्योग, उपभोक्ताओं तथा देश के ऊर्जा भविष्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों को सरकार के समक्ष रखा।
दिल्ली पुलिस एवं उसके वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मंत्रालय के अधिकारियों तथा सोलर प्रतिनिधियों के बीच एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में एमएनआरई के वरिष्ठ अधिकारी आदित्य सिंह, मंत्रालय के वैज्ञानिक करण धार, संबंधित नीति निर्माण से जुड़े अधिकारी तथा मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान डीसीआर एवं नॉन-डीसीआर मॉड्यूल्स को लेकर देशभर में उत्पन्न असमंजस, उद्योग जगत के समक्ष खड़ी चुनौतियाँ, लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव, रोजगार के अवसरों तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हुई।
सोलर संगठन की ओर से श्री अरविंद सिंधावा ने उद्योग की वर्तमान परिस्थितियों एवं जमीनी चुनौतियों को विस्तार से रखा। वहीं बीकानेर से आए डॉ. शरद दत्त आचार्य, नीरज गहलोत तथा जयपुर से अर्पित खंडेलवाल ने विभिन्न राज्यों में उपभोक्ताओं, सोलर उद्यमियों एवं इंस्टॉलेशन कंपनियों द्वारा झेली जा रही व्यावहारिक समस्याओं से मंत्रालय को अवगत कराया।
बैठक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय डीसीआर सोलर मॉड्यूल्स की कीमतों में हाल के दिनों में देखी जा रही असामान्य एवं अनावश्यक वृद्धि भी रहा। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय के समक्ष यह चिंता व्यक्त की कि नीति संबंधी बदलावों के बीच कुछ तत्वों द्वारा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर बाजार में मूल्य वृद्धि को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं, छोटे उद्यमियों एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीकानेर की सोलर कंपनी बुल पावर एनर्जी के एमडी डॉ शरद दत्ता आचार्य ने बताया कि इस प्रकार की संभावित कालाबाज़ारी, जमाखोरी एवं अनुचित व्यापारिक गतिविधियों के विरुद्ध तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। इस पर मंत्रालय के अधिकारियों ने विषय की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि यदि कहीं भी अनुचित मूल्य वृद्धि, कृत्रिम संकट या कालाबाज़ारी जैसी गतिविधियाँ पाई जाती हैं तो उनके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे तत्वों पर कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में भी उचित कदम उठाए जाएंगे, जिससे सौर ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता एवं निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
बैठक के दौरान सोलर संगठनों की ओर से मंत्रालय को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन, उपभोक्ता हितों की रक्षा तथा सौर ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित एवं व्यावहारिक नीति निर्माण के संबंध में अनेक सुझाव प्रस्तुत किए गए।
इस प्रदर्शन व ज्ञापन देने में शामिल बीकानेर के सोलर किंग बुल पावर एनर्जी के एमडी शरद दत्ता आचार्य ने बताया कि बैठक का वातावरण अत्यंत सकारात्मक, सौहार्दपूर्ण एवं गंभीर रहा। मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए प्रत्येक विषय को ध्यानपूर्वक सुना तथा विभिन्न बिंदुओं पर खुलकर विचार-विमर्श किया। प्रतिनिधियों ने भी आशा व्यक्त की कि सरकार उद्योग, उपभोक्ताओं एवं राष्ट्रीय हितों के मध्य संतुलन स्थापित करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।
सौर ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि संवाद, सहभागिता और लोकतांत्रिक विमर्श ही किसी भी नीति को सफल एवं प्रभावी बनाने का आधार होते हैं। एमएनआरई में आज हुई यह महत्वपूर्ण बैठक न केवल उद्योग जगत की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बनी, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल, पारदर्शी एवं संतुलित भविष्य की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में भी देखी जा रही है।



