




25 साल से अधिक समय से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों का अभिनंदन, प्रमोद आचार्य और रमेश बिस्सा रहे प्रमुख आकर्षण
बीकानेर। पुष्करणा समाज के उत्पत्ति दिवस के उपलक्ष्य में श्री पुष्करणा प्रन्यास एवं आयोजन समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय पुष्करणा महोत्सव-2026 अब पूरे रंग में नजर आने लगा है। सोमवार को पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित महोत्सव के तीसरे दिन पत्रकार एवं साहित्यकार सम्मान समारोह के साथ नव उद्यमियों के स्टॉल और मेहंदी-मांडणा प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहे। दिनभर स्टॉलों पर लोगों की भीड़ उमड़ी, वहीं शाम को समाज के वरिष्ठ पत्रकारों और साहित्यकारों का सम्मान कर उनके योगदान को नमन किया गया।

समारोह में डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र पुरोहित, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व उपनिदेशक विकास हर्ष, समीक्षक डॉ. अजय जोशी तथा सीए महेन्द्र चूरा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है, जबकि साहित्यकार समाज का सृजनकर्ता। दोनों की लेखनी समाज को दिशा देने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करती है। उन्होंने समाज की इन विभूतियों के योगदान को प्रेरणादायी बताते हुए नई पीढ़ी से उनसे सीख लेने का आह्वान किया। समारोह को मधु आचार्य, राजेन्द्र जोशी, विकास हर्ष और डॉ. राजेन्द्र पुरोहित ने भी संबोधित किया। मंच संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।
प्रमोद आचार्य और रमेश बिस्सा सहित वरिष्ठ पत्रकारों का नागरिक अभिनंदन
कार्यक्रम का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्ष से अधिक समय से सक्रिय समाज के वरिष्ठ पत्रकारों का नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद आचार्य और रमेश बिस्सा का विशेष रूप से सम्मान किया गया। दोनों पत्रकार लंबे समय से निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और समाजहित की पत्रकारिता के लिए पहचान रखते हैं। इनके साथ मधु आचार्य आशावादी, खुशालचंद व्यास, राजीव हर्ष, मोहन थानवी, अनुराग हर्ष, नीरज जोशी, विमल छंगाणी, श्याम ओझा, उमाशंकर व्यास, सुरेश बोड़ा, बृजमोहन आचार्य, जितेन्द्र व्यास, भंवरी पीडी देवी व्यास, परिमल हर्ष, जयनारायण बिस्सा, राजीव जोशी, उमाशंकर आचार्य, आनंद आचार्य, उषा जोशी एवं धीरेन्द्र आचार्य सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया गया।
साहित्यकारों को भी मिला सम्मान
समारोह में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कमल रंगा, मधु आचार्य, डॉ. अजय जोशी, डॉ. नमामीशंकर आचार्य, डॉ. बसंती हर्ष, डॉ. कृष्णा आचार्य, संजय पुरोहित, डॉ. रेणुका व्यास, राजेन्द्र जोशी, बृजरतन जोशी, डॉ. हरिशंकर आचार्य, मनीष जोशी, अशोक रंगा, महेन्द्र रंगा, शशांक शेखर जोशी, डॉ. समीक्षा व्यास, नगेन्द्र किराडू, विप्लव व्यास, सुधा आचार्य, जुगल पुरोहित, विशन मतवाला, राजेश व्यास, हरिदास हर्ष, इन्द्रा व्यास, शरद केवलिया, योगेश व्यास एवं सुनील गज्जाणी का भी अभिनंदन किया गया।
नव उद्यमियों के स्टॉल और मेहंदी-मांडणा प्रतियोगिता बनी आकर्षण
महोत्सव में लगाए गए नव उद्यमियों के स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्थानीय उत्पादों और नवाचारों की जानकारी ली। वहीं मेहंदी-मांडणा प्रतियोगिता में करीब 50 बालिकाओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता की संयोजक राजकुमारी व्यास एवं आरती आचार्य ने बताया कि प्रतिभागियों ने पारंपरिक मांडणों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। कार्यक्रम में पर्वतारोही डॉ. सुषमा बिस्सा, कंचन राठी, विभा बिहानी सहित हिमालय परिवार की सदस्याएं भी उपस्थित रहीं।



